बैजनाथ (कांगड़ा)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को कांगड़ा जिले के दुर्गम बड़ा भंगाल क्षेत्र का दौरा कर आपदा प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत एवं विकास से जुड़े कई अहम फैसलों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल तक सड़क निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा : मुख्यमंत्री ने हेलिपैड के आसपास बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता का भरोसा देते हुए राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सड़क निर्माण में तेजी लाने के निर्देश : मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण के लिए प्रत्येक किलोमीटर की अलग-अलग निविदाएं जारी की जाएं, ताकि कार्य में तेजी लाई जा सके। उन्होंने निर्माण मशीनरी को हवाई मार्ग से पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की और इसके लिए 10 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की।
बिजली व्यवस्था को लेकर बड़े फैसले: ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने अपर और लोअर बड़ा भंगाल में एक-एक डीजल जनरेटर उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही सभी घरों में बिजली कनेक्शन और वायरिंग का सर्वे कराने तथा सौर ऊर्जा परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर: मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना, छात्रावास निर्माण और सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश की व्यवस्था करने की बात कही। उन्होंने शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यार्थियों के लिए हेली-टैक्सी सुविधा उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण देने की योजना भी घोषित की।
राजमाह की होगी ब्रांडिंग, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा: मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के प्रसिद्ध राजमाह को अलग पहचान दिलाने और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अखरोट और चेस्टनट की खेती को बढ़ावा देने, स्थानीय मीट उत्पादों को बेहतर बाजार दिलाने तथा पर्यटन गतिविधियों के विस्तार पर भी जोर दिया।
मोबाइल नेटवर्क और अन्य सुविधाओं का आश्वासन: ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने निजी दूरसंचार कंपनियों से बातचीत कर जल्द मोबाइल नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। उन्होंने पर्यटन विकास के लिए उपयुक्त वन भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी दिए।
‘राजनीति करने नहीं, दुख-दर्द बांटने आया हूं’: जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राजनीति करनी होती तो वे अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में जाते। उनका उद्देश्य प्रदेश के अंतिम छोर पर रहने वाले लोगों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना है। उन्होंने कहा कि योजनाएं केवल कार्यालयों में बैठकर नहीं बनतीं, बल्कि लोगों के बीच जाकर उनकी जरूरतों को समझना जरूरी है।
प्राकृतिक पंचायत और एसटी दर्जे का भरोसा: मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल को प्राकृतिक पंचायत का दर्जा देने और क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी पैरवी करने का आश्वासन दिया। साथ ही राशन डिपो का कोटा बढ़ाने और बाढ़ सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन वॉल निर्माण पर भी विचार करने की बात कही।

