लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। शनिवार को मेडा ने बागपत रोड स्थित कान्हा प्लाजा में 13 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी को अवैध घोषित कर सील कर दिया। मेडा सचिव अर्पित गुप्ता ने स्पष्ट किया कि ये सभी संस्थान बिना मानचित्र स्वीकृत कराए संचालित हो रहे थे। साथ ही वे निर्धारित सुरक्षा और भवन मानकों का भी पूरी तरह पालन नहीं कर रहे थे जिससे छात्रों की सुरक्षा को खतरा था।
मेडा की टीम जब कान्हा प्लाजा पहुंची तो वहां छात्र-छात्राएं अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे। मेडा टीम ने सबसे पहले कोचिंग सेंटरों के संचालकों को मानकों का उल्लंघन करने की जानकारी दी। इसके बाद सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया और सील करने की कार्रवाई शुरू की गई। इस अचानक हुई कार्रवाई का कोचिंग संचालकों ने मौके पर कड़ा विरोध भी किया। कान्हा प्लाजा व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामवीर मलिक दर्जनों व्यापारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बिना किसी पूर्व जानकारी या नोटिस के की गई इस कार्रवाई पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की।
मलिक ने बताया कि इस कॉम्प्लेक्स में कई वर्षों से कोचिंग और कंप्यूटर सेंटर चल रहे हैं, जहां 500 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। भारत कोचिंग सेंटर के संचालक पुरु सारस्वत ने कहा कि यदि कोचिंग सेंटर मानकों के विपरीत थे, तो पहले उन्हें सूचित किया जाना चाहिए था। उन्होंने चिंता जताई कि इस अचानक सील की कार्रवाई से छात्रों की पढ़ाई का भारी नुकसान होगा। मेडा ने इससे पहले बृहस्पतिवार को भी 14 अन्य कोचिंग सेंटर सील किए थे, जिससे यह अभियान और तेज हो गया है।
अन्य स्थानों पर भी हुई कार्रवाई
कान्हा प्लाजा के अलावा, शहर के अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी मेडा ने कार्रवाई की है। प्लेटिनम मॉल के द्वितीय तल पर संचालित द चाणक्य लाइब्रेरी को भी अवैध बताकर सील कर दिया गया। होटल सिग्नेचर के सामने स्थित एम्पायर स्क्वायर में द टीचर्स एकेडमी पर भी इसी तरह की कार्रवाई हुई। वहीं, रेलवे रोड क्षेत्र के पैराडाइज मॉल में स्थित एकलव्य लाइब्रेरी भी नियमों के उल्लंघन के कारण सील कर दी गई। इस व्यापक अभियान के तहत, विद्युत विभाग ने सात, फायर ब्रिगेड ने छह और शिक्षा विभाग ने चार भवनों को नोटिस जारी किए हैं।

