शामली 20 जून। जनपद शामली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती 19 लोग चार कर्मियों को शौचालय में बंद कर फरार हो गए. इससे हड़कंप मच गया.
जानकारी के मुताबिक गांव लिलौन स्थित एक प्राइवेट नशा मुक्ति केंद्र में 30 युवक उपचार के लिए भर्ती है बृहस्पतिवार देर रात केंद्र की ऊपरी मंजिल पर रह रहे युवकों ने चद्दर से जंगले को खींचकर तोड़ दिया. इसके बाद 19 युवक गली में कूदकर भाग गए. इस दौरा चार कर्मियों को शौचालय में बंद कर दिया गया था. इसकी जानकारी मिलने पर केंद्र संचालक व कर्मचारियों में खलबली मच गई. संचालकों ने युवकों की तलाश शुरू की. तलाश के दौरान पांच युवक मिल गए हैं जबकि अन्य 15 युवकों के बारे में देर शाम तक पता नहीं चल सका. केंद्र में भर्ती युवकों के परिजनों ने पहुंचकर हंगामा किया और केंद्र संचालकों पर इसकी जानकारी न दिए जाने का आरोप लगाया.
परिजनों ने कहा कि अगर किसी युवक के साथ कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी केंद्र संचालक की होगी. इसके बाद परिजनों ने इसकी जानकारी शहर कोतवाली पुलिस को दी. साथ ही परिजनों ने केंद्र प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं. स्वजनों का कहना है कि केंद्र में क्षमता से अधिक मरीजों को रखा जा रहा है. आरोप है कि जहां मात्र 16 बेड की व्यवस्था है, वहां 30 लोगों को रखा गया था. ऐसे में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. एक युवक के परिजन सोहन सिंह ने भी केंद्र की अव्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं.
एक पीड़ित परिवार ने कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर दी है. पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है और फरार हुए 15 लोगों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं.
वहीं, इस मामले में आश्रम संचालिका पारुल बेनीवाल ने स्वीकार किया कि 19 लोग फरार हुए थे, जिनमें से चार को वापस लाया गया है. 15 युवक अभी भी लापता हैं. बेड की कमी के आरोपों पर उन्होंने तर्क दिया कि गर्मी के कारण कुछ मरीजों के लिए नीचे जमीन पर गद्दे बिछाए गए थे.
वहीं, इस मामले में कोतवाली प्रभारी सचिन शर्मा ने बताया कि सूचना प्राप्त हुई थी कि नशा मुक्ति केंद्र से 19 लोग फरार हो गए हैं. जो लोग फरार हुए हैं सूचना के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है.

