मेरठ 16 जून (प्र)। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय ने इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) में प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक और उपलब्धि अपने नाम की है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी विश्वविद्यालय ने देश के अग्रणी कृषि विश्वविद्यालयों में स्थान बनाते हुए अपनी शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमता का परिचय दिया है।
कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उत्कृष्ट अनुसंधान, प्रभावी कृषि प्रसार सेवाओं और नवाचार आधारित कृषि विकास का यह परिणाम है । विश्वविद्यालय में लगातार आधुनिक कृषि तकनीकों, जलवायु अनुकूल खेती, जैव प्रौद्योगिकी, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े अनुसंधानों पर कार्य किया जा रहा है। साथ ही विकसित तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए विस्तार सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के अन्य कृषि विश्वविद्यालयों में आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या को राष्ट्रीय स्तर पर 28वीं, रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी को 30वीं, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय को 39वीं तथा चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर को 45वीं रैंक प्राप्त हुई है।
प्रदेश के राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में एसवीपीयूएटी मेरठ का शीर्ष स्थान उसकी बढ़ती प्रतिष्ठा को दशार्ता है। कुलपति ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के सामूहिक समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अत्याधुनिक अनुसंधान और किसान केंद्रित तकनीकों के विकास 5 माध्यम से कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देता रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय पूरे विश्वविद्यालय परिवार के साथ-साथ प्रदेश और देश के किसानों के विश्वास एवं सहयोग को दिया। प्रशासन ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल करना है।

