वाराणसी 16 जून। वाराणसी के काशी स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में हाल ही में रेलवे प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन की मदद से किलकोहना में स्थित अजगैब शहीद अस्ताना व कब्रिस्तान के साथ ही साथ मस्जिद और हनुमान मंदिर को हटाया था। अब रेलवे प्रशासन ने काशी स्टेशन की मेन इंट्री पर मौजूद मस्जिद गंज शहीदा को खाली करने का नोटिस चस्पा किया है। इस मस्जिद की देख-रेख अन्जुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी करती है। जो ज्ञानवापी मस्जिद की भी देख-रेख करती है।
काशी स्टेशन के बाहर स्थित मस्जिद गंज शहीदा को अब रेलवे प्रशासन ने हटाने की नोटिस चस्पा की है। मस्जिद को 20 जून तक खाली करना है।
इस नोटिस में लिखा गया है काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के तरफ (सर्कुलेटिंग एरिया के पास) रेलवे भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण हुआ हैं जो कि, काशी रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्य में बाधक बना हुआ है। इस सम्बन्ध में मूलवाद संख्या-1174/1991 अन्जुमन इन्तेजामिया बनाम यूनियन आफ इण्डिया माननीय न्यायालय सिविल जज (जू०डी०) शहर वाराणसी के न्यायालय में चल रहा था जो 28 अगस्त 2024 को माननीय न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन द्वारा रेलवे भूमि पर अवैध रूप से बने हुए मस्जिद को हटाने का निर्णय लिया गया है। अतः आप से अनुरोध है कि 20 जून 2026 तक अवश्य हटा लें अन्यथा रेलवे प्रशासन द्वारा उक्त तिथि के बाद किसी भी दिन मस्जिद हटाने और ध्वस्तिकरण की कार्रवाई की जायेगी।
इस सम्बन्ध में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के सचिव एसएम यासीन ने बताया – मुकदमें में फैसला नहीं हुआ है अदम पैरवी के कारण खारिज हुआ है क्यों कि हमारे वकील रईस अंसारी साहब की बीवी कैंसर पीड़ित थीं। उनका देहांत भी हो गया। उस समय ज्ञानवापी मस्जिद के मुकदमें भी चरम पर थे। जिसकी वजह से वो कोर्ट में उपस्थित नहीं हो पाए और कोर्ट ने हमारा मुकदमा खारिज कर दिया। लेकिन हमें जो नोटिस मिली है। उसपर कोई साइन किसी अधिकारी की या रेलवे की मुहर नहीं है।
मस्जिद का निर्माण 1034 इसवीं में हुआ था। यह मस्जिद 1880 के किलकोहना के नक्शें में मौजूद और 1883-84 के बंदोबस्ती नक्शे में भी मौजूद है। जबकि रेलवे स्टेशन 1887 में बना है। यह मस्जिद वक्फ बोर्ड में भी दर्ज है।

