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    Home»देश»आधार ने खोली 20 साल पुराने लाइसेंसों की परतें, अब सवाल फर्जी डीएल बने कैसे ?
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    आधार ने खोली 20 साल पुराने लाइसेंसों की परतें, अब सवाल फर्जी डीएल बने कैसे ?

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJune 13, 2026No Comments7 Views
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    मेरठ 13 जून (प्र)। ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया में आधार कार्ड जहां पहचान का सबसे मजबूत माध्यम बनकर सामने आया है, वहीं इसी प्रक्रिया ने वर्षों पुराने रिकॉर्ड की परतें भी खोलनी शुरू कर दी हैं। मेरठ संभागीय परिवहन विभाग की जांच में अब तक दो ऐसे ड्राइविंग लाइसेंस सामने आए हैं, जिनमें दस्तावेजों और पहचान संबंधी गंभीर विसंगतियां मिली हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर ऐसे और मामले भी सामने आ सकते हैं।

    दरअसल, 15 से 20 साल पहले बड़ी संख्या में ड्राइविंग लाइसेंस राशन कार्ड और अन्य सामान्य दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए थे। उस समय डिजिटल सत्यापन की व्यवस्था नहीं थी। अब जब इन्हीं लाइसेंसों का नवीनीकरण कराया जा रहा है और आधार नंबर को रिकॉर्ड से जोड़ा जा रहा है, तो कई पुराने रिकॉर्ड जांच के दायरे में आ रहे हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोग पुराने रिकॉर्ड से मेल खाने वाला आधार कार्ड प्रस्तुत कर रहे हैं। आधार नंबर सिस्टम में दर्ज होते ही व्यक्ति की पहचान, पता और अन्य विवरण सामने आ जाते हैं, जिससे रिकॉर्ड का मिलान आसान हो गया है।

    इसी प्रक्रिया में दो संदिग्ध लाइसेंस पकड़े गए सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जांच में दस्तावेज और पहचान संबंधी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, तो ऐसे ड्राइविंग लाइसेंस आखिर जारी कैसे हुए? जिन लाइसेंसों पर आज सवाल खड़े हो रहे हैं, वे कभी न हैं। कभी विभागीय प्रक्रिया से होकर ही जारी हुए होंगे। ऐसे में जांच केवल आवेदकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उस समय की कार्यप्रणाली और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा जरूरी मानी जा रही है।

    विभाग का मानना है कि किसी भी फर्जी दस्तावेज आधार पर लाइसेंस जारी होना केवल एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं माना जा सकता। आवेदन की जांच, दस्तावेज सत्यापन और अनुमोदन की कई चरणों वाली प्रक्रिया होती है। ऐसे में पुराने मामलों की निष्पक्ष जांच से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि कहीं व्यवस्था में खामियां या मिलीभगत तो नहीं रही।

    पुराने ड्राइविंग लाइसेंस रिकॉर्ड की हो रही जांच
    आरटीओ अनीता सिंह ने बताया कि विभाग की और से ड्राइविंग लाइसेंसों की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान अब तक दो फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस पकड़े जा चुके हैं, जिनमें दस्तावेजों और पहचान संबंधी गंभीर विसंगतियां मिली हैं। इन मामलों में कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। साथ ही अन्य पुराने रिकॉर्ड और लाइसेंसों की भी जांच जारी है। उन्होंने कहा कि आधार आधारित डिजिटल सत्यापन व्यवस्था लागू होने के बाद रिकॉर्ड का मिलान आसान हो गया है, जिससे पुराने फजीर्वाड़े सामने आ रहे हैं और ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो रही है।

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