मेरठ 11 जून (प्र)। किसी भी स्थिति में अधिवक्ता संघों द्वारा हड़ताल तथा न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित न करने का शपथपत्र हाई कोर्ट इलाहाबाद ने अपने तीन जून के आदेश में सभी जनपदों की बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मांगा है। यह शपथपत्र भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर देने का आदेश है। इस आदेश के विरोध में जिला बार और मेरठ बार एसोसिएशन की बुधवार को आयोजित संयुक्त बैठक मैं दो टूक घोषणा की गई कि अधिवक्ता कोई शपथपत्र नहीं देंगे। आदेश के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल करेंगे। गुरुवार को हाईकोर्ट बेंच स्थापना संघर्ष समिति के बैनर तले पश्चिम उत्तर प्रदेश के 22 जनपदों की आनलाइन बैठक करके इस हड़ताल के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
जिला बार के लाल बहादुर शास्त्री सभागार में बुधवार को जिला बार और मेरठ बार एसोसिएशन की यह संयुक्त बैठक हुई। जिसमें दोनों एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ दोनों बार के पूर्व अध्यक्ष और महामंत्री शामिल हुए। जिला बार के अध्यक्ष रविंद्र सिंह और महामंत्री प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बैठक में सभी पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के आदेश पर आक्रोश व्यक्त किया।
बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हाई कोर्ट के पत्र के संबंध में कोई भी बार पदाधिकारी शपथपत्र प्रस्तुत नहीं करेगा। सर्वोच्च न्यायालय और न्यायालय द्वारा पारित किया गया आदेश सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश के विपरीत है।
उन्होंने बताया कि 20 जून को केंद्रीय संघर्ष समिति की आपातकालीन बैठक आफ लाइन बुलाने का निर्णय लिया गया है। इस मुद्दे पर प्रदेश के सभी जनपदों के बार एसोसिएशन से वार्ता करके अधिवक्ता महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
जिला बार अध्यक्ष रविंद्र सिंह और मेरठ बार के अध्यक्ष अनुज शर्मा ने संयुक्त रूप से बैठक की अध्यक्षता की तथा संचालन जिला बार के महामंत्री प्रशांत गुप्ता और मेरठ बार के महामंत्री परवेज आलम ने संयुक्त रूप से किया। बैठक में अमित राणा, आनंद कश्यप, राजेंद्र सिंह राणा, अमित दीक्षित, नरेशदत्त शर्मा, अनिल जंगाला, राजीव त्यागी, मिसबाहुद्दीन सिद्दीकी, गजेंद्र सिंह धामा, ओ पी शर्मा, महेंद्र पाल शर्मा, धीर सिंह समेत दोनों बार के पूर्व अध्यक्ष और महामंत्री ने भी विचार रखे।

