मेरठ, 08 जून (प्र)। सीबीएसई ने विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए सोशल इमोशनल लर्निंग (एसईएल) को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसका उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित करना नहीं, बल्कि छात्रों की भावनात्मक और सामाजिक जरूरतों को भी समझना है। इसके तहत शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे बच्चों के व्यवहार के पीछे छिपी भावनाओं, चुनौतियों और आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पहचान सकेंगे।
सीबीएसई द्वारा एसईएल आइसबर्ग मॉडल को इस कार्यक्रम का प्रमुख आधार बनाया है। शिक्षकों को यह समझाया जाएगा कि किसी छात्र के व्यवहार का आकलन केवल उसके बाहरी प्रदर्शन से नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उसके भावनात्मक पक्ष को भी समझना जरूरी है। इस पहल के तहत प्रत्येक जिले में एसईएल एक्शन प्लान तैयार करने की व्यवस्था की गई है। रिसोर्स पर्सन व गार्गी स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. वाग्मिता त्यागी ने कहा कि जिले के चार शिक्षकों का चयन होने जा रहा है, जिन्हें रिसोर्स पर्सन के रूप में तैयार किया जाएगा। ये शिक्षक न केवल मेरठ में बल्कि अन्य जिलों में भी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन का कार्य करेंगे। इनके माध्यम से एसईएल की अवधारणा को अधिक से अधिक स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। स्कूलों में सकारात्मक वातावरण विकसित होगा।
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