लखनऊ 05 जून। सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने प्रयागराज में पोस्टल सर्विसेज के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आशीष अग्रवाल को 1.50 लाख रुपये और कानपुर देहात में बैंक ऑफ बड़ौदा का ब्रांच मैनेजर गौरव वर्मा और बैंक मित्र राघवेंद्र को 15 हजार रुपये की घूस लेते हुए बृहस्पतिवार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सीबीआई की टीम ने तीनों आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारकर भ्रष्टाचार से जुटाई गई कई संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए हैं।
तीनों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई, लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच को पोस्टल सिविल डिवीजन, प्रयागराज के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आशीष अग्रवाल के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह शिकायतकर्ता के बिलों को भुगतान के लिए आगे बढ़ाने के बदले से 3 लाख रुपये की घूस मांग रहे हैं।
कार्यवाही करने के लिए मांगी
उससे 90 हजार रुपये ले भी चुके हैं। घूस की रकम कानपुर देहात, वाराणसी, अकबरपुर, बलरामपुर और प्रयागराज जिलों में पोस्टल सिविल डिवीजन के तहत शिकायतकर्ता द्वारा किए जा रहे कई कामों के बदले करीब 40 लाख रुपये के लंबित भुगतानों को आगे बढ़ाने की कार्यवाही करने के लिए मांगी गई थी।
सीबीआई ने बुधवार को एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद प्रयागराज में उसे घूस के 1.50 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तत्पश्चात उसके प्रयागराज और छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित ठिकानों पर छापे मारे हैं, जिसमें संपत्तियों के तमाम दस्तावेज हाथ लगे हैं।
रोजगार योजना की सब्सिडी के लिए मांगे 25 हजार
इसी तरह सीबीआई ने बुधवार को कानपुर देहात में बैंक ऑफ बड़ौदा की नोनारी बुजुर्ग शाखा के ब्रांच मैनेजर गौरव वर्मा और बैंक मित्र राघवेंद्र को 15 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ सीबीआई में शिकायत हुई थी कि वह पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ब्याज सब्सिडी का दावा करने के लिए जरूरी दस्तावेज जारी करने के बदले 25 हजार रुपये घूस मांग रहे हैं।
सीबीआई ने बुधवार को इस मामले की एफआईआर दर्ज करने के बाद टीम कानपुर देहात भेजी, जिसने दोनों को 15 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। सीबीआई दोनों के कानपुर देहात और उत्तराखंड के ठिकानों पर छानबीन कर रही है।

