मेरठ 26 मई (प्र)। विभागों की उदासीनता का ही नतीजा है कि गढ़ रोड पर तेजगढ़ी चौराहे से काली नदी तक ग्रीन बेल्ट पर ताबड़तोड़ तरीके से कब्जे हो गए। नेशनल हाइवे पर सड़क के दोनों तरफ कब्जे कर किसी ने पक्की दुकान बना ली तो किसी ने खोखे रखकर काम शुरूकर दिया। कई जगहों पर तो ट्रांसपोर्ट का काम शुरू हो गया। हैरत की बात यह है कि मेडिकल के बाहर नगर निगम ने वेंडिंग जोन बनाया गया और इसमें कुछ दुकानदारों को बसाया जाना था. लेकिन यहां भी लोगों ने कब्जे कर दुकानें खड़ी कर लीं। न हाइवे अथॉरिटी ने कोई सुध ली और न ही मेरठ विकास प्राधिकरण कोई एक्शन ले रहा है।
आरोप तो यहां तक है कि कई जगहों पर तो मेडा की मेहरबानी से ही कब्जे हुए हैं। पूरे मामले में कमिश्नर से शिकायत की गयी है। महानगर में इस वक्त ताबड़तोड़ तरीके से विकास कार्य हो रहे हैं। सीएम ग्रिड योजना के तहत करोड़ों रुपये से अत्याधुनिक सड़कें तैयार हो रही हैं। इसके लिए सड़कों के दोनों तरफ से अतिक्रमण हटाये जा रहे हैं। गांधी आश्रम चौराहे से तेजगढ़ी चौराहे तक सीएम ग्रिड योजना में कार्य जल्दी ही पूरा होने जा रहा है। तेजगढ़ी से आगे गढ़ रोड पर काली नदी तक भी ऐसा ही काम होना है। इसके लिए कई विभागों को काम करना है।
हालत यह है कि तेजगढ़ी से काली नदी तक सड़क के दोनों तरफ ग्रीन बेल्ट को कब्जा लिया गया है खासी चौड़ी ग्रीन बेल्ट पर किसी ने पक्की दुकान खड़ी कर ली है तो किसी ने खोखे रख लिये हैं। कोई ठेले पर सामान रखकर काम कर रहा है। कई जगहों पर होटल और ट्रांसपोर्ट कंपनियां तक खोल ली गयी हैं। वहीं, इस संबंध में नगरायुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि गढ़ रोड पर सीएम ग्रिड रोड का निर्माण अंतिम चरण में है। इसका निर्माण पूरा होते ही ग्रीन बेल्ट हो या फुटपाथ या हो सड़क सभी जगह से अतिक्रमण हटाया जाएगा।
वेडिंग जोन पर भी हो गया कब्जा
नगर निगम ने गढ़ रोड पर मेडिकल के सामने नामांकित क्षेत्र में वेडिंग जोन बनाया गया। यहाँ उन रेहड़ी पटरी या ठेला लगाने वालों को बसाया जाना था जिन्हें पूर्व में सड़क चौड़ीकरण के दौरान हटाने के चलते बसाया जाना था। इनमें नई सड़क के पास फूल बेचने वालों को भी बसाने की योजना थी, लेकिन निगम की उदासीनता के चलते यहां पूरे के पूरे वेडिंग जोन का लोगों ने कब्जा लिया किसी ने दुकान बना ली तो किसी ने अपने रहने का ठिकाना तैयार कर लिया। कुछ जगह को ठेले वालों ने घेर लिया। अब इन लोगों को हटाना निगम के लिए चुनौती बनेगा।
कौन हटाएगा ग्रीन बेल्ट से कब्जे ?
ग्रीन बेल्ट पर कब्जे होते रहे और संबंधित विभाग आंखें मूंदे रहे। एकाध बार मेड़ा ने अभियान चलाया और एक दो दुकानें तोड़ी गयी लेकिन इसके बाद काम आगे बढ़ा ही नहीं अब ग्रीन बेल्ट से कब्जे हटाने में न मेडों की रुचि नजर आ रही और न नगर निगम व नेशनल हाइवे अथॉरिटी की।

