नई दिल्ली, 25 मई (ता)। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर तथाकथित ‘Cockroach Janta Party’ यानी CJP की गतिविधियों और इससे जुड़े कथित फर्जी वकीलों की जांच की मांग की गई है। याचिका में मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की अपील की गई है।
पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी अभियान तेजी से वायरल हुआ था। यह डिजिटल कैंपेन बेरोजगारी, शिक्षा नीति और परीक्षा पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर मीम्स और राजनीतिक टिप्पणियों के कारण चर्चा में आया।
कहा जा रहा है कि यह ट्रेंड उस विवाद के बाद सामने आया, जिसमें वरिष्ठ वकील का दर्जा देने से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी को लेकर बहस शुरू हुई थी।
गत दिवस CJP की वेबसाइट अचानक बंद हो गई। इसके बाद संगठन के संस्थापक अभिजीत डिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सरकार पर ‘तानाशाही रवैया’ अपनाने का आरोप लगाया। अभिजीत डिपके ने दावा किया कि इस प्लेटफॉर्म से करीब 10 लाख लोग जुड़ चुके थे। उन्होंने कहा कि यह अभियान खासकर युवाओं और सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले मिलेनियल्स और Gen Z के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ।
अभिजीत डिपके ने यह भी आरोप लगाया कि अभियान शुरू होने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन इस व्यंग्यात्मक आंदोलन को निशाना बना रहा है।
संगठन के बैकअप सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए साझा की गई जानकारी में दावा किया गया कि एक सप्ताह के भीतर ’10 लाख रजिस्टर्ड कॉकरोचेस’ जुड़ चुके थे। साथ ही, संगठन का कहना है कि उसके इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर लाखों फॉलोअर्स हो गए थे, लेकिन बाद में उन अकाउंट्स तक पहुंच खत्म हो गई।
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