नई दिल्ली, 23 मई (ता)। कैब सर्विस देने वाली कंपनी Uber और JSW ग्रुप ने आपस में हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियों ने मिलकर भारत के तेजी से बढ़ते टैक्सी मार्केट के लिए खास तौर पर EV बनाने के लिए MOU किया है। पिछले हफ्ते मुंबई में JSW Group के पार्थ जिंदल और Uber के सीईओ दारा खोसरोशाही के बीच समझौते पर साइन हुए हैं। आइए जानते हैं कि इस डील से भारतीय ग्राहकों को क्या फायदा होगा।
भारत सरकार ने देश में प्रदूषण कम करने औप उत्सर्जन को घटाने के लिए लगातार इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दे रही है। कुछ दिन पहले प्रधानंत्री नरेंद्र मोगी ने लोगों से इलेक्ट्रिक कार अपनाने की अपील की थी। ऐसे में Uber और JSW की पार्टनरशिप भारत के प्रदूषण मुक्त लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी।
Uber पहले से ही भारत के बड़े शहरों में TATA जैसी कंपनियों और फ्लीट ऑपरेटरों के साथ मिलकर इलेक्ट्रिक कारों और टू-व्हीलर्स की संख्या बढ़ा रही है।
यह समझौता हाल ही में बनी JSW MG मोटर के बिजनेस को भी आगे बढ़ाने का काम करेगा। द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपने ने पहले ही भारत में नई हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च करने और प्लांट को बढ़ाने के लिए 440 मिलियन डॉलर का निवेश करने का ऐलान किया था।
भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के दौरान भारत में बिकने वाली कुल पैसेंजर कारों में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 7.29% रही थी। भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री को सबसे ज्यादा बढ़ावा इलेक्ट्रिक-टू-व्हीलर्स और थ्री-व्हीलर्स से मिल रहा है। इसकी वजह यह है कि इन्हें खरीदना और चार्ज करना आसान और किफायती होता है।
Trending
- चार महीने बंद रहेगा कानपुर का जाजमऊ ओवरब्रिज
- यूपी की राज्यपाल ने दिया छात्र छात्राओं को अच्छे व खुशहाल जीवन का संदेश
- मुख्यमंत्री जी अधिकारियों से कहिए दावों की बजाय बिजली आपूर्ति में सुधार करें, इनके मुंगेरी लाल के सपने दिखाने से कुछ होने वाला नहीं है
- हम भी क्यों ना बातों में बात मिला लें!
- दरोगा महिला से बोला- तुम बहुत खूबसूरत हो, लिव-इन में रहा, प्रेग्नेंट होने पर अबॉर्शन कराया
- बारुईपुर में 11 साल की बच्ची से रेप-हत्या के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल का एनकाउंटर
- बीमा के 8 दिन बाद महिला की मौत, क्लेम का दावा निरस्त करने वाली कंपनी को देने होंगे ₹20.25 लाख
- देवबंद में सरकारी जमीन पर बनीं छह मस्जिद और मजार होंगे ध्वस्त

