मेरठ 22 मई (प्र)। मेरठ की आईआईएमटी यूनिवर्सिटी गंगानगर में एमबीए छात्रा अनु गुप्ता की मौत मामले में छात्रावास निदेशक और 2 वार्डन को सस्पेंड कर दिया गया। तीनों ने छात्राओं से अभद्रता की थी। इसके साथ ही मामले की एक 13 सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। यह समिति अनु गुप्ता की मौत कैसे हुई? ये सुसाइड या हत्या? इसकी जांच करेगी।
गुरुवार को उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला कैंपस पहुंची। अनु का कमरा देखा। कमरे की दीवार पर अनु ने लिखा था- होप। छात्राओं ने बताया अनु जीना चाहती थी, मगर यूनिवर्सिटी ने उसे मरने के लिए मजबूर कर दिया।
उसे मेंटली टॉर्चर किया जा रहा था। टीचर रात में गर्ल्स हॉस्टल में घुस आता था। अनु पर 30 हजार रुपए अटेंडेंस फीस का दबाव बनाया जा रहा था।
दरअसल, 20 मई को यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल की लॉबी में अनु की डेडबॉडी पड़ी मिली थी। वह तीसरी मंजिल पर रहती थी। उसके चेहरे पर चोट के निशान थे। पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए गंगानगर थाने में आईआईएमटी यूनिवर्सिटी पर सुसाइड के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया था।
छात्रा अनु गुप्ता आईआईएमटी के सरोजनी नायडू गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। उसका रूम नंबर 67 तीसरी मंजिल पर है। बुधवार सुबह करीब 9.30 बजे उसका खून से लथपथ शव हॉस्टल के नीचे बने जिम के बाहर पड़ा दिखा।
काम करने वाली मेड ने सबसे पहले छात्रा की डेडबॉडी देखी। उसने अन्य छात्राओं को बताया। छात्राओं ने इसकी जानकारी कॉलेज प्रशासन को दी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। इसके बाद छात्रा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
देर शाम अनु गुप्ता की मौत के बाद यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स भड़क गए। बुधवार रात को सभी ने यूनिवर्सिटी गेट पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। रात भर स्टूडेंट्स वहीं धरनास्थल पर डटे रहे। गुरुवार सुबह 10 बजे वीसी डॉ. दीपा शर्मा सीओ सदर देहात सुधीर सिंह ने मौके पर पहुंचे। छात्रों को शांत कराया।
इसके बाद छात्र नेताओं व विवि प्रशासन के बीच करीब एक घंटे बात हुई। सुबह 11:30 बजे धरना खत्म कर दिया गया। इसके बाद छात्रा अनु गुप्ता के पिता ने यूनिवर्सिटी मुकदमा दर्ज कराया। फिर शव लेकर सहारनपुर लौट गए, जहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सहारनपुर निवासी ओमकार गोयल ने अपनी तहरीर में लिखा- मेरी बेटी अनु गोयल मेरठ के गंगानगर स्थित IIMT यूनिवर्सिटी में MBA सेकेंड ईयर, फोर्थ सेमेस्टर की छात्रा थी। 20 मई 2026 को हमें कॉलेज की ओर से सूचना मिली कि हमारी बेटी ने सुसाइड कर लिया है। मेरी बेटी पढ़ाई में काफी अच्छी थी। कॉलेज प्रशासन ने उस पर मानसिक दबाव बनाया और उसका उत्पीड़न किया, जिसकी वजह से उसने यह कदम उठाया।
उन्होंने आगे लिखा- मेरी बेटी की मौत के सही कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। कॉलेज प्रशासन की भूमिका की भी जांच हो और यदि किसी प्रकार का दबाव, उत्पीड़न या लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

