लखनऊ 15 मई। यूपी के डेढ़ दर्जन शहरों में जल्द ही 1725 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होगा. अकेले लखनऊ शहर में 300 नई सिटी बसें चलाई जाएंगी. इसके लिए नए रूट तय करने का काम भी शुरू कर दिया गया है. वहीं, गोमती नगर में PPP मॉडल पर नए बस अड्डे का निर्माण किया जा रहा है.
नगरीय परिवहन निदेशालय की तरफ से मुख्य कार्यकारी अधिकारी नोएडा प्राधिकरण, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, गोरखपुर, मुरादाबाद आगरा, बरेली, झांसी, अलीगढ़, गाजियाबाद, मथुरा, वृंदावन, सहारनपुर, अयोध्या, फिरोजाबाद और शाहजहांपुर के नगर आयुक्त को पत्र लिखकर 1725 नई ईलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है.
प्रदेश के चिन्हित 18 शहरों में इन 1725 वातानुकूलित बसों का संचालन होगा. इसमें पर्यावरण विभाग के तह यूपी कैंप अथॉरिटी की तरफ से संचालित 500 बसें भी शामिल हैं.
नगरीय परिवहन निदेशालय के सहायक निदेशक एके सिंह ने बताया कि नई बसों के संचालन के लिए डिपो बनाने की आवश्यकता होती है. जमीन का आवंटन जहां पर नगर निगम या नगर पालिका है उसी की तरफ से होता है.
नोएडा में प्राधिकरण की तरफ से जमीन उपलब्ध कराई जाती है. जिस शहर में जितनी बसें संचालन के लिए आवंटित की जाती हैं, वहां पर डिपो के लिए मानकों के अनुसार ही जगह की मांग की गई है. भूमि आवंटित होने पर बस डिपो का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा. कई शहरों में भूमि आवंटित हो गई है.
कितनी बसें संचालित करने की तैयारी
लखनऊ में 300, कानपुर में 300, वाराणसी में 250, गोरखपुर में 150, मेरठ में 100, आगरा में 100, गाजियाबाद में 100, नोएडा (जेवर) सहित 100, मथुरा में वृंदावन 50, प्रयागराज में 50, अयोध्या में 50, अलीगढ़ में 25, फिरोजाबाद में 25, शाहजहांपुर में 25, बरेली में 25, मुरादाबाद में 25, सहारनपुर में 25, झांसी में 25 बसें संचालित की जाएंगी.
इन शहरों को भूमि आवंटित
आगरा को टेढ़ी बगिया में 6:50 एकड़, गाजियाबाद को अकबरपुर में 6.69 एकड़, नोएडा सेक्टर 90 में 7 एकड़, मथुरा वृंदावन में राजपुर बांगर सुनका बंगर में 2-2 एकड़ जमीन, प्रयागराज के नैनी में 5 एकड़ जमीन, अयोध्या के कुड़ा केशवपुर में 3.82 एकड़ जमीन, अलीगढ़ के किदारा में 4.2 एकड़ जमीन, फिरोजाबाद के दौलतपुर स्थान पर 6 एकड़ जमीन, शाहजहांपुर के हथोड़ा बुजुर्ग में 1.6 एकड़ जमीन, बरेली के चौबारी में 3.4 2 एकड़ जमीन, मुरादाबाद के वीरपुर में 4.5 एकड़ जमीन, सहारनपुर के मानकमऊ में 1.65 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है.
प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलावा कानपुर, वाराणसी गोरखपुर, मेरठ और झांसी में अभी तक जमीन तय नहीं की जा सकी है. 100 इलेक्ट्रिक बसों के लिए कम से कम 5 एकड़, 50 इलेक्ट्रिक बसों के लिए कम से कम 3 एकड़ और 25 इलेक्ट्रिक बसों के लिए न्यूनतम 2 एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है.
लखनऊ में पहले गोमती नगर बस डिपो सिटी बस का डिपो हुआ करता था. यह परिवहन निगम की क्षेत्रीय कार्यशाला में ही स्थित था. यहां पर PPP मॉडल पर नए बस स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू हो गया. इसकी वजह से गोमती नगर बस डिपो को समाप्त कर दिया गया.
अब लखनऊ में सिर्फ दुबग्गा बस डिपो से ही बसें संचालित होती हैं. नई बसें आने के बाद यहां पर बसों के रखरखाव और इन्हें खड़ा करने की जगह नहीं बचेगी. यही वजह है कि नगरीय परिवहन निदेशालय की तरफ से नगर निगम को पत्र लिखकर भूमि आवंटित करने की डिमांड की गई है.

