मुंबई, 09 मई (ता)। यश आज पैन-इंडिया सुपरस्टार हैं, लेकिन उनका सफर संघर्षों से भरा रहा। कर्नाटक के साधारण परिवार में जन्मे यश के पिता इटळउ बस ड्राइवर थे, जबकि मां हाउसवाइफ थीं। बचपन से ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें सिर्फ एक्टर बनना है। घरवालों की चिंता और पैसों की तंगी के बावजूद वे महज 300 लेकर बेंगलुरु पहुंचे। शुरूआत में थिएटर में बैकस्टेज काम किया, जहां उन्हें 50 रुपये मिलते थे। वहीं से उन्होंने एक्टिंग सीखी और छोटे-छोटे रोल करने लगे। बाद में टीवी सीरियल्स में मौका मिला, जहां शुरूआत में उन्हें 500 रुपये प्रतिदिन मिलते थे। मेहनत और संघर्ष के दम पर यश ने कन्नड़ सिनेमा में पहचान बनाई। फिर केजीएफ: चौप्टर 1 और केजीएफ: चौप्टर 2 से देशभर में सुपरस्टार बन गए। इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में यश ने अपने करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें साझा की थीं। यश कहते हैं- मेरा जन्म कर्नाटक के हासन जिले के गांव भुवानाहल्ली में हुआ था। मेरे पिता मैसूर में रहते थे, इसलिए मेरा बचपन भी वहीं बीता। मेरे पिता इटळउ बस ड्राइवर थे और मां हाउसवाइफ थीं। हम एक आम मिडिल क्लास परिवार की तरह खुशहाल जिंदगी जी थे। फिर मैंने एक्टर बनने का सपना देखा। बचपन से ही मुझे एक्टर के तौर पर मिलने वाला एक्स्ट्रा अटेंशन पसंद था।
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