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    Home»न्यूज़»पांच करोड़ के घोटाले में 7 महिलाएं गिरफ्तार
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    पांच करोड़ के घोटाले में 7 महिलाएं गिरफ्तार

    adminBy adminMay 2, 2026No Comments4 Views
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    पीलीभीत, 02 मई (ता)। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में करोड़ों के गबन के मामले में पुलिस ने सात महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपित इल्हाम शम्सी की दो पत्नी, साली, सलहज, सास और दो परिचित महिलाएं शामिल हैं। अब तक इनके खातों में करीब पांच करोड़ रुपये फ्रिज करा दिए हैं। इल्हाम की एक पत्नी को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि इल्हाम स्वयं कोर्ट से अग्रिम जमानत पर बाहर चल रहा है।
    जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार ने 13 फरवरी को कहा था कि इल्हाम उर्रहमान शम्सी, जो मूल रूप से जनता टेक्निकल इण्टर कालेज बीसलपुर में कार्यरत था, वह डीआइओएस कार्यालय से आठ वर्ष से संबद्ध था। वह वेतन बिल और टोकन जनरेशन का कार्य देख रहा था। गत दिवस एएसपी विक्रम दहिया ने कहा कि मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार ने 13 फरवरी 2026 को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज बीसलपुर में कार्यरत चपरासी इल्हाम उर्र रहमान शम्सी डीआईओएस कार्यालय से अटैच था। वह वेतन बिल और टोकन जनरेशन का कार्य देखता था।
    इल्हाम ने कूटरचित तरीके से फर्जी बेनिफिशियरी (लाभार्थी) आईडी तैयार कर 12 सितंबर 2024 से फरवरी 2026 तक 98 ट्रांजेक्शन के माध्यम से करीब 1.01 करोड़ रुपये अपनी पत्नी के खाते में ट्रेजरी के जरिये ट्रांसफर कर गबन किया। जांच में यह रकम काफी बड़ी पाई गई, जो दूसरे खातों में भेजी गई थी। कोतवाली नगर में दर्ज हुई रिपोर्ट की जांच के दौरान पुलिस ने 53 खातों में संदिग्ध लेनदेन के करीब 5.50 करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए थे। मुख्य आरोपी की एक पत्नी अर्शी खातून को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। गत दिवस कोतवाली पुलिस ने दो अन्य पत्नियों संभल जिले के थाना रामसत्ती के मोहल्ला जगत निवासी लुबना और बुलंदशहर के खुर्जा की जामुन वाली गली निवासी आजरा खान, लुबना की बहन फातिमा नवी, आजरा की मां नाहिद के साथ ही बिजनौर के मोहल्ला काजीपारा निवासी परवीन खातून, गाजियाबाद के मोहननगर की आशकारा परवीन और खुर्जा की आफिया खान को गिरफ्तार किया। इनमें से किसके खाते में कितनी रकम भेजी गई, इसका भी पुलिस ने खुलासा किया है।
    पांच करोड़ के चर्चित घोटाले में सात आरोपियों की गिरफ्तारी करने कर खुलासा करते हुए एएसपी विक्रम दहिया ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की थी। इनमें लुबना के खाते में करीब 2.37 करोड़, अजारा खान के खाते में 2.12 करोड़, फातिमा के खाते में 1.03 करोड़, आफिया के खाते में 80 लाख से अधिक, परवीन खातून के खाते में करीब 48 लाख, नाहिद के खाते में 95 लाख और आशकारा परवीन के खाते में करीब 38 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।
    गिरफ्तार आरोपियों में लुबना नवी और अजारा खान मुख्य आरोपी इल्हाम की पत्नी हैं। एक अन्य पत्नी अर्शी को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। जबकि इल्हाम हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत पर है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने बरेली स्थित जेएचएम इंफ्राहोम प्राइवेट लिमिटेड के खाते में 90 लाख और ओरिका होम्स बिल्डर के खाते में 17.18 लाख रुपये ट्रांसफर किए, जिन्हें जांच के दौरान होल्ड कराया है। पुलिस ने एफडी के रूप में जमा करीब 59 लाख रुपये भी फ्रीज कराए हैं।
    करोड़ के इस घोटाले में इल्हाम शम्सी ने जिन आईडी का प्रयोग कर करोड़ों की सरकारी धनराशि को ठिकाने लगाया। उसमें इल्हाम के अलावा डीआईओएस से लेकर वित्त एवं लेखा अधिकारी और कोषागार के भी अधिकारी कर्मचारी की संलिप्तता जग जाहिर हुई थी। इस मामले में शासन स्तर से भी टीम गठित की गई, लेकिन अब तक किसी पर कार्रवाई नहीं हुई है। इससे तमाम सवाल उठ रहे हैं।
    आरोपी डीआईओएस कार्यालय में तैनात रहे चपरासी इल्हाम शम्सी ने विभागीय अफसर से लेकर बाबू तक को अपने विश्वास में लिया और उनके पोर्टल का दुरुपयोग कर शिक्षकों के वेतन बिन की आड़ में करोड़ों की धनराशि को अपने रिश्तेदार और अन्य परिचितों के खाते में भेजता रहा।
    पुलिस की जांच में अब तक करीब 50 से अधिक खाता सामने आए हैं। इनमें पुलिस ने पांच करोड़ से अधिक की धनराशि को फ्रीज कर दिया है। अन्य खातों की जांच भी जा रही है। जिसमें यह कहा जा रहा है घोटाले की धनराशि का दायरा और बढ़ सकता है।
    बीसलपुर के जनता इंटर कॉलेज में चपरासी के पद पर तैनात इल्हाम ने वर्ष 2015 में डीआईओएस कार्यालय में सेवाएं शुरू की थी। तत्कालीन डीआईओएस ने संबद्धीकरण करने के बाद चपरासी को कार्यालय के अधीन किया था। कहा जाता है कि इसके बाद करीब चार साल तक वह कार्यालय में जमा रहा। कंप्यूटर की जानकारी होने के चलते धीरे-धीरे वह कार्यालय में दखल बढा़ता रहा। कहा जाता है कि करीब तीन साल पूर्व यहां तैनात रहे डीआईओएस में उसका संबद्धीकरण निरस्त कर दिया था, लेकिन फिर इल्हाम कार्यालय में पैर जमाने में सफल हो गया।

    7 Women Arrested in ₹5 Crore Scam exposure Pilibhet tazza khabar tazza khabar in hindi Uttar Pradesh
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