लखनऊ 22 मई। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों को बड़ी सौगात दी है. राज्यपाल की स्वीकृति के बाद शासन ने यूपी के 104 उप जिलाधिकारियों का वेतनमान बढ़ाकर उन्हें लेवल-11 में प्रोन्नत कर दिया है.नियुक्ति अनुभाग-3 की ओर से बीती देर रात को इस संबंध में आदेश जारी किया गया. इसे यूपी सरकार की बड़ी प्रोन्नति माना जा रहा है.
उत्तर प्रदेश सिविल सेवा नियमावली-1982 के तहत यह लाभ उन अधिकारियों को मिला है जिन्होंने वेतनमान 15600-39100 एवं ग्रेड पे 5400 में 5 वर्ष की नियमित और संतोषजनक सेवा पूरी कर ली है. इन सभी अधिकारियों को अब वेतनमान 15600-39100 एवं ग्रेड पे 6600, यानी पे मैट्रिक्स के लेवल-11 में 67700-208700 का वेतनमान मान्य है.
सूची में प्रोन्नति वर्ष 2018, 2019 और 2020 बैच के अधिकारी शामिल हैं। इनमें बदायूं, बस्ती, उन्नाव, गाजीपुर, आगरा, लखनऊ, कानपुर नगर, अयोध्या, वाराणसी, बहराइच, सीतापुर, मुजफ्फरनगर समेत विभिन्न जिलों में तैनात अधिकारी शामिल हैं।
जारी सूची में 104 अधिकारियों के नाम शामिल हैं. इनमें बदायूं में तैनात राजेश कुमार सिंह, बस्ती के मनोज प्रकाश, उन्नाव के देवेन्द्र प्रताप सिंह, ललितपुर के ज्ञानेन्द्र विक्रम, श्रावस्ती के रावेन्द्र कुमार, लखनऊ आवास विकास परिषद में तैनात आत्मा स्वरूप श्रीवास्तव, गाजीपुर के पुष्पेन्द्र पटेल और मथुरा में उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद में तैनात सतीश चन्द्र जैसे नाम प्रमुख हैं.
अधिकारियों की समयमान वेतनमान देयता की तिथि अलग-अलग है.देवेन्द्र प्रताप सिंह और आत्मस्वरूप श्रीवास्तव को यह लाभ 31 जुलाई 2024 से, वहीं राजेश कुमार सिंह को 19 फरवरी 2026 से मिलेगा. शासन के इस फैसले को एक तरह की पदोन्नति माना जा रहा है. इससे अधिकारियों के वेतन में प्रतिमाह हजारों रुपये की वृद्धि होगी और उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारी भी बढ़ेगी.
लंबे समय से समयमान वेतनमान का इंतजार कर रहे पीसीएस अधिकारियों में इस आदेश से उत्साह है. माना जा रहा है कि इससे फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी.

