बरेली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने गत दिवस कहा कि हिंदू धर्म और संस्कृति अनंत विविधता को एकसाथ लेकर चलने का सामथ््र्य रखता है। अध्यात्म हिंदू धर्म और संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति है जो समाज में पारस्परिक समन्वय, सामंजस्य और प्रेम स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म किसी एक मत, मजहब या पंथ का नाम नहीं है, बल्कि अनेक मत और मजहबों को यह खुद में समाहित किए हुए है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में आईएमए सभागार में गत दिवस गोष्ठी आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि आज विश्व अनेक प्रकार की समस्याओं से जूझ रहा है, उनका समाधान तमाम विद्वान भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म की परंपराओं में तलाश रहे हैं। दुनिया हमारी ओर आशा भरी दृष्टि से देख रही है, हमें उनके मार्गदर्शन के लिए स्वयं को तैयार करना होगा। हिंदू धर्म ने सदैव विविधता और विभिन्नता का सम्मान करते हुए इसे स्वीकार किया है।
Trending
- छोटे-मोटे सभी तरह के अपराधों के निस्तारण के लिए कुछ शर्तों के साथ पंच और पंचायतों के फैसलों को दी जाये मान्यता
- सरकार महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले के साथ ही अहिल्याबाई होल्कर को भी दे भारत रत्न
- 2027 के विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को बांधे रखने में सफल विधायकों नेताओं और कार्यकर्ताओं को मंत्रिमंडल और निगमों में मिल सकता है स्थान, रालोद के कोटे से भी मंत्री औ निगम अध्यक्ष के साथ ही डॉ सांगवान को मिल सकती है जिम्मेदारी
- 138 डिग्री, डिप्लोमा व प्रमाण पत्र रखते हैं दशरथ
- 10,000 करोड़ कमाने का रिकॉर्ड दीपिका पादुकोण ने बनाया
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अब बाइक-ऑटो या ट्रैक्टर दिखा तो 20 हजार जुर्माना
- माता-पिता तेंदुए के जबड़े से मासूम को खींच लाए
- दुष्कर्म का आरोप लगाकर बदलवाया सिपाही का धर्म
