जयपुर, 13 अप्रैल (जा)। आम तौर पर किसी भी व्यक्ति को स्नातक या स्नात्तकोत्तर की डिग्री हासिल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है लेकिन राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक पूर्व सैनिक ने अब अब तक तीन पीएचडी, विभिन्न विषयों में 46 पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री, सात अंडर ग्रेजुएट डिग्री, 23 डिप्लोमा, 52 सर्टिफिकेट कोर्स, सात मिलिट्री स्टडीज डिग्री हासिल की हैं।
ऐसे में अब तक वे 138 डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स कर चुके हैं। 55 वर्षीय पूर्व सैनिक दशरथ सिंह को हाल ही में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्विघालय (आईजीएनडीयू) के दीक्षांत समारोह में वैदिक अध्ययन में मास्टर डिग्री से सम्मानित किया गया है। एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाले दशरथ सिंह ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई गांव के ही सरकारी स्कूल में की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण युवा अवस्था में शहर के किसी प्रतिष्ठित विश्विघालय में पढ़ाई करने का उनका सपना पूरा नहीं हो सका था।
1988 में हुए सेना में शामिल
वे वर्ष 1988 में भारतीय सेना में शामिल हो गए। सेना में रहते हुए उन्हें शिक्षा अधूरी लगती थी। इस कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने सेना में मिलने वाले वार्षिक अवकाश का उपयोग पढ़ाई के लिए किया। फिर साल 2004 में सेना से सेवानिवृत होने के बाद उन्होंने पढ़ाई पर अधिक ध्यान दिया। दशरथ सिंह के मुताबिक, उन्हें इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्डस, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्डस और इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्डस द्वारा मान्यता दी गई है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि होना अभी शेष है, लेकिन उनके पास इन रिकॉर्डस के प्रमाण पत्र मौजूद हैं। सेवानिवृति के बाद वह समाज सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं।
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