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    Home»देश»क्या एक शादी करने वाले को ही मप्र में रहने का कानूनी अधिकार होगा यह असंभव है
    देश

    क्या एक शादी करने वाले को ही मप्र में रहने का कानूनी अधिकार होगा यह असंभव है

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJuly 18, 2026No Comments6 Views
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    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के हवाले से एक खबर छपी कि प्रदेश में एक शादी करने वाले को ही रहने का कानूनी अधिकार मिलेगा। राज्य सरकार २० जुलाई से शुरु हो रहे विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता पेश करने जा रहीहै। सीएम ने कहा कि एक प्रदेश एक विधान होना चाहिएव्। हिंदुओं व मुस्लिमों के लिए अलग कानून क्यों हो। उन्होंनेकहा कि यूसीसी बिल आने वाला है जिससे प्रदेश में एक से अधिक शादी करने वालों को स्थान नहीं मिलेगा।
    कुछ साल पहले एक खबर छपी थी कि दो बच्चों से ज्यादा वालों को सरकारी नौकरी और सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा। कुछ दिनों बाद वह खबर गुम हो गई। जानकारों का मानना है कि कितने ही जनप्रतिनिधियों के दो से ज्यादा बच्चे हैं। इसका मतलबहै कि खबर आई गई हो गई। अब सीएम मोहन यादव का कथन कब तक टिकेगा यह तो सरकार ही जाने मगर भारत रत्न डा बीआर अंबेडकर जी द्वारा बनाए गए संविधान में ऐसा कोई तथ्य हो वो कभी सुनने को नहीं मिला ना ही कभी यहपढ़ा कि निरस्त किए जा रहे पुराने कानूनों की जगह ऐसा कोई कानून बना है। बढ़ती जनसंख्या पर रोक जरुरी है मगर समान अधिकार का बिंदु है तो सही लेकिन किसी से जबरदस्ती ऐसा कैसे करा सकते हैँ। इमरजेंसी में जब संजय गांधी द्वारा एक दो बच्चों के नियम को लागू करने के प्रयास हुए थे तो सभी दलों ने उसका विरोध किया। अब उन्हीं दलों के नए नेता इस प्रकार के बयान दे रहे हैं तो कुछ अजीब सा लगता है। इस बारे में नागरिकों का यह कथन सही नजर आया कि राजनीतिक दल का नेतृत्व ऐसे मुददों पर नीति तय करे और फिर उसका पालन कराने की इच्छाशक्ति भी पैदा करे।मगर फिलहाल यह एक शादी करने वाला बयान जमा नहीं हो सकता है कि मुस्लिमों में लोग एक से ज्यादा शादी करते हो लेकिन अब तो हर जाति में ऐसे लोग मिल जाएंगे जिन्होंने दूसरी शादी कीहोगी। अब ऐसे में कितनों को प्रदेश से निकालेंगे यह भी सोचना होगा। इसलिए सोच समझकर बयानबाजी करे तो अच्छा है।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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