Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • नागरिकों को परेशानी से बचाने के लिए सरकार रैली में जाने के लिए अलग से चलाना शुरू करें ट्रेन
    • पुलिस की वर्दी में ठगी करने वाला ठग निकला होमगार्ड, आरोपी साथी गिरफ्तार
    • अगर सम्मान पाना है तो शिष्य का संबोधन छोड़ भतीजा या पुत्रवत जैसे शब्दों को संबोधन में शामिल कीजिए, क्योंकि एकलव्य जैसे शिष्य तो गुरू द्रोणाचार्य जैसे गुरू भी अब नजर नहीं आते है
    • UP के 75 जिलों में एक साथ बजेगा Black Out सायरन, बंद करनी होंगी घर-दफ्तर की सारी लाइटें
    • भाजपा दूसरे दलों का डाटा चोरी करा रही: अखिलेश
    • बहन की शादी, किस्तें भरने को 15 लाख में चावल बेचा, दो भाई गिरफ्तार
    • 1000 करोड की हेराफेरी में मदद करने के आरोप में पंजाब एंड सिंध बैंक के शाखा प्रबंधक समेत 18 पर केस दर्ज
    • एसडीएम के सरकारी आवास पर कोई बांध गया जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता, मालिक की तलाश शुरू
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»पहले थूक और अब मूत्र जेहाद के पीछे कौन! भाईचारा बना रहे सरकार और सेक्यूलर सोच के मुस्लिम आगे आकर ?
    देश

    पहले थूक और अब मूत्र जेहाद के पीछे कौन! भाईचारा बना रहे सरकार और सेक्यूलर सोच के मुस्लिम आगे आकर ?

    adminBy adminNovember 15, 2025No Comments9 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    केंद्र और प्रदेश की सरकारें जितना सांप्रदायिक सौहार्द्र और भाईचारा मजबूत करने और हर व्यक्ति को भयमुक्त वातावरण में सांस देने और अपने हिसाब से संविधान के अनुसार अपने आराध्यों की पूजा अर्चना करने का मौका बिना किसी लाग लपेट के उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है। लेकिन कुछ लोग कभी धार्मिक स्थानों पर चोरी कर तो कभी महापुरूषों की मूर्तियां खंडित कर तो कभी एक दूसरे के धर्म का अपमान करने की कोशिश तथा धर्म भ्रष्ट करने का जो प्रयास कहे अनकहे रूप से हो रहा है वो सही नहीं है। क्योंकि जब इस प्रकार के कार्यो को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू होती है तो बिना मतलब का बवाल यह कहकर मचाया जाता है कि कमजोरों या अल्पसंख्यकों के संग दुर्व्यवहार हो रहा है और दोहरी नीति अपनाई जा रही है। जबकि इसे सही नहीं कहा जा सकता।
    पिछले कुछ दिनों से समय असमय मीडिया में ऐसी खबरें पढ़़ने सुनने को मिल रही है कि फलां व्यक्ति ने जूस में थूककर लोगों को परोसा या थूक लगाकर रोटी बनाई जा रही थी। तो अब एक नई खबर पढ़ने को मिली कि यूपी के जनपद बागपत के ग्राम ढिकौली के सरकारी स्कूल में कक्षा दो में पढ़ने वाले कुछ मुस्लिम बच्चों ने अपने साथ पढ़ने वाले हिंदू बच्चे को पानी में पेशाब मिलाकर पिला दिया। दुर्गध आने पर जब पता किया गया तो जो सच सामने आया वो बड़ा ही घिनौना और ऐसा करने वालों के प्रति घृणा पैदा करने वाला है क्योंकि दोषी बच्चे ने बताया कि उसके पिता ने उसे ऐसा करने के लिए कहा। जिस पर उसने अपने कुछ और साथियों को मिलाकर इस घटना को अंजाम दिया। जिसे मूत्र जेहाद का नाम खबरों मे दिया जा रहा है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। क्योंकि नाम सामने आ चुके हैं तो खुलासा भी होगा ही। मगर सवाल यह उठता है कि कुणााल और गौरी नामक बच्चों के पानी में पेशाब मिलाने की घटना को अंजाम देने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को सिर्फ जांच पड़ताल पर नहीं छोड़ा जा सकता। देश में किसी भी प्रकार का ऐसे मामलों को लेकर वैमनस्य पैदा ना हो और यह छोटी छोटी घटनाएं कोई विकराल रूप ना ले या आगे चलकर यह बच्चे अन्य जेहादी घटनाओं से ना जुड़े इसके लिए जरूरी है कि दोषी बच्चों और उन्हें प्रोत्साहित करने वालों को सार्वजनिक रूप से समाज के सामने नंगा किया जाना चाहिए जिससे अन्य ऐसी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश ना करें और अच्छा तो यह है कि खुद मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति जो भाईचारा बनाने के लिए प्रयासरत रहते हैं उन्हें ऐसी घटनाअेां को रोकने के लिए काम करना चाहिए। क्योंकि कांवड़ मेले के दौरान यूपी के कुछ जिलों में कांवड़ियों के रास्तों में पड़ने वाले होटलों ढाबों व दुकानों पर संचालकों के नाम लिखने की जो आवश्यकता पड़ी थी शायद वो ऐसे ही कारणों से महसूस की गई हो और कुछ भी ना हो तो ऐसी घटनाओं से वैमनस्य की भावना बढ़ती और विश्वास की समाप्ति का कारण बनती है। मेरा मानना है कि संविधान के तहत मुस्लिम समाज के प्रमुख लोगों को विश्वास में लेकर सरकार को खाने पीने की चीजों में थूक या मूत्र आदि के प्रयोग की रोकथाम के लिए समय से सकारात्मक कदम उठाने की बहुत बड़ी आवश्यकता से इनकार नहीं किया जा सकता। देश को एक डोर में बांधे रखने तथा सांप्रदायिक सौहार्द बनाने हेतु ऐसे मुददों को किसी भी रूप में नजरअंदाज किया जाना ठीक नहीं है।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    नागरिकों को परेशानी से बचाने के लिए सरकार रैली में जाने के लिए अलग से चलाना शुरू करें ट्रेन

    January 17, 2026

    पुलिस की वर्दी में ठगी करने वाला ठग निकला होमगार्ड, आरोपी साथी गिरफ्तार

    January 17, 2026

    अगर सम्मान पाना है तो शिष्य का संबोधन छोड़ भतीजा या पुत्रवत जैसे शब्दों को संबोधन में शामिल कीजिए, क्योंकि एकलव्य जैसे शिष्य तो गुरू द्रोणाचार्य जैसे गुरू भी अब नजर नहीं आते है

    January 17, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.