वर्तमान में कई प्रकार से आम आदमी के हो रहे उत्पीड़न को रोकने के लिए सरकार अनेक उपाय कर रही है लेकिन एक तरफ तो आयकर विभाग जीएसटी बिजली विभाग आदि छोटे लोगों पर लाखों करोड़ों का टैक्स लगाकर बिना यह देखे कि क्या उसकी इतनी हैसियत है या नहीं नोटिस जारी कर देतेहैं और इनके नाम पर धोखे से धंधा करने वाले आराम से घूमते हैं। नया मामला बदायू के गांव खुर्रमपुर निवासी एक किसान भोला सिंह का है जिसे आयकर विभाग ने १४ करोड़ का नोटिस भेज दिया। ऐसी खबरें आए दिन बिजली विभाग और जीएसटी की पढ़ने को मिलती है। दूसरी तरफ हाउस अरेस्ट कर आम आदमी को परेशान करने और उससे लाखों रुपये वसूलने का कोई ना कोई किस्सा पढ़ने सुनने को मिलता रहता हैं। मैं आयकर विभाग जीएसटी बिजली विभाग आदि विभागों को डिजिटल अरेस्ट करने वालों से तो नहीं मिला रहा लेकिन आम नागरिकों को परेशान करने की कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता। केंद्र व प्रदेश सरकारें नागरिकों को निर्भिक जीवन जीने को मिले इसका प्रयास कर रही है लेकिन यह जो इससे आम आदमी के नोटिस का मामला चल रहा है तो नोटिस सच्चई के बाद बेशक वापस हो जाए लेकिन पीड़ित को आर्थिक हानि तो उठानी ही पड़ती है। ऐसा मुक्तभोगियों से सुनने के बाद पता चलता है। मुझे लगता है कि कानून गूह और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को ऐसे नोटिस देने वालों हाउस अरेस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए क्येांकि इस प्रकार की धोखाधड़ी बढ़ती ही जा रही है।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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