नई दिल्ली, 22 अप्रैल (ता)। क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर में लगा एसी घर में मौजूदा बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर कितना असर डाल सकता है। तापमान में थोड़ा सा भी बदलाव उनकी नींद में खलल डाल सकता है, जोड़ों की अकड़न को बढ़ा सकता है। इसलिए बुजुर्गों के कमरे के लिए एसी खरीदते समय कई बातों का ध्यान रखान चाहिए।
भारत के ज्यादातर इलाकों में भीषण गर्मी पड़ती है और लंबे समय तक चलती है। इस कारण एयर कंडीशनर (एसी) लोगों की जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा बन गए हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक, सभी को एसी की जरूरत होती है ताकि वे सुकून की नींद ले सकें। लेकिन अभी कुछ समय से यह महसूस कर रहा हूं कि जिस एसी में मुझे अच्छी और सुकून की नींद आती है। वहां, मेरे माता-पिता या यूं कहें कि घर के बुजुर्ग आराम से नहीं सो पाते हैं। इसका एक ये कारण हो सकता है कि उनकी और हमारी जरूरतें अलग-अलग हैं। बुजुर्गों को अक्सर बढ़ते तापमान, बदलती नमी और हवा के ठीक से ना चलने जैसी स्थितियों से निपटने में मुश्किल होती है। इसलिए जरूरी है कि बुजुर्गों के कमरों के लिए एसी खरीदते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखें।
ऐसी स्थिति में आपको सिर्फ यह नहीं देखना है कि कमरा कितनी तेजी से ठंडा होता है, बल्कि यह भी देखना होगा कि वो ठंडक बुजुर्गों के लिए कितना सही है। साथ ही, यह भी ध्यान देना है कि भविष्य में यह सिस्टम कितना स्थिर, शांत और सुरक्षित रहेगा। एसी को चलाने में आसानी और घर के अंदर की हवा की क्वालिटी कितनी अच्छी होगी।
बुजुर्गों को हीट स्ट्रोक, पानी की कमी या अचानक थकान होने का खतरा ज्यादा रहता है। तापमान में थोड़ा सा भी बदलाव भी उनकी नींद में खलल डाल सकता है, जोड़ों की अकड़न को बढ़ा सकता है या ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव कर सकता है। इसलिए उनकी जरूरत को देखते हुए एसी खरीदें।
वोल्टास के ब्लॉग के अनुसार, ठंडी हवा के तेज झोंके परेशान कर सकते हैं। इस कारण उनके कमरे के लिए उतना बड़ा एसी ही चाहिए, जितने की जरूरत है। सबसे पहली तकनीकी चीज एसी के साइज को देखें। 120 वर्ग फीट के एक छोटे बेडरूम के लिए सिर्फ 1 टन का एसी काफी है। अगर आपने इससे बड़ा एसी लगा रखा है तो खासतौर पर बुजुर्ग उसकी ठंडक और तेज हवा को झेल नहीं पाएंगे।
दूसरा पैरामीटर शोर है। एसी के शोर का स्तर एक और ऐसा पैमाना है, जिससे बुजुर्ग को दिक्कत आ सकती है। विंडो एसी आमतौर पर ज्यादा शोर करते हैं। वहीं, स्प्लिट एसी थोड़ा ज्यादा शांत होते हैं। शोर बुजुर्ग की नींद बार-बार खोल देता हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
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