नई दिल्ली, 12 मई (ता)। केंद्र सरकार ने गत दिवस घोषणा की कि ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (मनरेगा) के स्थान पर नया ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम एक जुलाई से पूरे देश में लागू हो जाएगा। इसमें कहा गया है कि नए अधिनियम में एक नया ढांचा होगा जो ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का वैधानिक वैतनिक रोजगार देने का वादा करता है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक बयान में इसे भारत की ग्रामीण विकास संरचना में एक ‘ऐतिहासिक परिवर्तन’ बताया है, जो ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के अनुरूप है।
मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह अधिनियम एक जुलाई से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो जाएगा और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम उसी दिन से समाप्त हो जाएगा।
अधिसूचना में आश्वासन दिया गया है कि मनरेगा से नए ढांचे की ओर परिवर्तन से श्रमिकों के लिए कोई व्यवधान नहीं होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि 30 जून तक मनरेगा के तहत जारी कार्यों को सुरक्षित रखा जाएगा और उन्हें बिना किसी रुकावट के नए ढांचे में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इसमें कहा गया है कि मौजूदा ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड नए ‘ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड’ जारी होने तक वैध रहेंगे, और यह भी कहा गया है कि जॉब कार्ड के बिना श्रमिक ग्राम पंचायत स्तर पर पंजीकरण कराना जारी रख सकते हैं।
मंत्रालय ने कहा कि लंबित ई-केवाईसी के कारण श्रमिकों को रोजगार से वंचित नहीं किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि वेतन भुगतान, शिकायत निवारण, आवंटन मानदंड और संक्रमणकालीन प्रावधानों से संबंधित नियमों का मसौदा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परामर्श से तैयार किया जा रहा है और जल्द ही सार्वजनिक परामर्श के लिए प्रकाशित किया जाएगा।
वीबी-जी राम जी अधिनियम के ढांचे के तहत, प्रत्येक ग्रामीण परिवार जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, एक वित्त वर्ष में 125 दिन के गारंटीकृत मजदूरी के रोजगार के हकदार होंगे, जो मनरेगा के तहत 100 दिनों की गारंटी से अधिक है। रोजगार निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराना होगा, ऐसा न करने पर श्रमिक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार बेरोजगारी भत्ता के पात्र बने रहेंगे। केंद्र सरकार ने कहा कि 2026-27 के लिए आवंटित 95,692.31 करोड़ रुपये ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट अनुमान आवंटन है। राज्यों के संभावित योगदान को शामिल करते हुए, कार्यक्रम का कुल व्यय 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है।
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