नई दिल्ली 27 जून। अंत्योदय अन्न योजना के तहत खाद्यान्न वितरण का फार्मूला बदलने जा रहा है। अभी इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को हर महीने 35 किलोग्राम अनाज मिलता है। परिवार में सदस्यों की संख्या चाहे जितनी कम हो, अनाज की मात्रा कम नहीं होती। नई व्यवस्था में परिवार के बजाय अब सदस्यों की संख्या के आधार पर अनाज मिलेगा। प्रत्येक सदस्य को सात किलोग्राम अनाज मिलेगा, लेकिन किसी भी परिवार को कुल 35 किलोग्राम से अधिक खाद्यान्न नहीं दिया जाएगा। इसका सीधा असर पांच से कम सदस्यों वाले परिवारों पर पड़ सकता है। उनका मासिक राशन मौजूदा व्यवस्था की तुलना में घट जाएगा, वहीं पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों को पहले की तरह अधिकतम 35 किलोग्राम अनाज मिलता रहेगा।
यह प्रस्ताव सिर्फ अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों के लिए है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले लोगों को पहले की तरह प्रति व्यक्ति प्रति माह पांच किलोग्राम खाद्यान्न मिलता रहेगा । देश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लगभग 81 करोड़ लोग लाभान्वित होते हैं। इनमें करीब 7.8 करोड़ लाभार्थी अंत्योदय अन्न योजना के दायरे में आते हैं, जो लगभग 2.30 करोड़ परिवारों से जुड़े हैं। यदि प्रस्तावित संशोधन लागू होता है तो सबसे अधिक असर पांच से कम सदस्यों वाले अंत्योदय परिवारों पर पड़ेगा, जबकि पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए खाद्यान्न की अधिकतम मात्रा में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, यह बदलाव तुरंत लागू नहीं होने जा रहा है।
सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक-2026 मसौदा सुझावों के लिए जारी किया है। 13 जुलाई तक सुझाव मांगे गए हैं। फिर संसद में पेश होगा। दोनों सदनों से पारित होने तथा अधिसूचना जारी होने के बाद ही नई व्यवस्था लागू होगी। सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम- 2013 में संशोधन का प्रस्ताव रखते हुए कहा है कि मौजूदा व्यवस्था में छोटे और बड़े परिवारों के बीच खाद्यान्न वितरण में असमानता है।
2 सदस्य वाले परिवार को 14 किलोग्राम
3 सदस्य वाले परिवार को 21 किलोग्राम
4 सदस्य वाले परिवार को 28 किलोग्राम
5 सदस्य वाले परिवार को 35 किलोग्राम
6 या उससे अधिक सदस्य होने पर भी अधिकतम 35 किलोग्राम

