चेन्नई 02 जुलाई। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय की सरकार को अस्थिर करने की साजिश को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने बुधवार को आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी दल डीएमके उसके विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहा है।
पार्टी का दावा है कि कई विधायकों को इस्तीफा देने और सरकार से असहयोग करने के बदले 10 करोड़ से 50 करोड़ रुपये तक की पेशकश की गई।
टीवीके विधायक एन. इलैयाराजा ने आरोप लगाया कि उन्हें 35 करोड़ का प्रस्ताव मिला, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान थिरुनाक्कारासु नरेश और त्यागराजन के रूप में हुई है। टीवीके के वरिष्ठ नेता और ऊर्जा संसाधन मंत्री आर. निर्मल कुमार ने पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी पिछले करीब 40 दिनों से यह आरोप लगा रही है कि डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के इशारे पर पार्टी नेताओं के जरिये टीवीके विधायकों से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एआईएडीएमके नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी भी सरकार बनाने के लिए शॉर्टकट का रास्ता अपनाने की कोशिश रहे हैं।
प्रस्ताव ठुकराने पर इलैयाराजा को आरोपी ने दी धमकी मामले
शुरुआत टीवीके विधायक एन. इलैयाराजा की शिकायत से हुई। कृष्णागिरि जिले की उथनगई विधानसभा सीट से विधायक इलैयाराजा ने बताया कि थिरुनाक्कारासु नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। उसने खुद को एक राजनीतिक सर्वेक्षण संस्था का प्रमुख बताया और विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए जाने वाले प्रस्ताव पर सहयोग करने के बदले 35 करोड़ रुपये देने की पेशकश की विधायक के और दोबारा संपर्क नहीं करने को कहा। इलैयाराजा अनुसार, उन्होंने प्रस्ताव को तुरंत ठुकरा दिया। का आरोप है कि प्रस्ताव ठुकराने के बाद आरोपी ने उन्हें धमकी दी कि यदि इस बातचीत की जानकारी किसी को दी गई तो उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
सेंथिल बालाजी के कहने पर रिश्वत की पेशकश की…
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि नरेश के पूर्व डीएमके मंत्री और वर्तमान कोयंबटूर दक्षिण विधायक वी. सेंथिल बालाजी तथा उनके भाई वी. अशोक कुमार से करीबी संबंध हैं। पुलिस का दावा है धिरुनाक्कारासु ने सेथिल बालाजी और अशोक कुमार के निर्देश पर विधायकों को रिश्वत की पेशकश की।

