मेरठ, 29 जुलाई (सूवि)। उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमार पांडे ने बताया कि भारतीय पैकेजिंग संस्थान के प्रशिक्षकों डॉ. निशी एवं डॉ. प्रवीण द्वारा मेरठ के वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजीन (ओडीओसी) से जुड़े हितधारकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में मेरठ के पारंपरिक व्यंजनों रेवड़ी, गजक एवं नानखटाई से जुड़े उद्यमियों, निर्माताओं एवं अन्य हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को उत्पादों की वैज्ञानिक एवं आकर्षक पैकेजिंग, गुणवत्ता संरक्षण, खाद्य सुरक्षा मानकों तथा शेल्फ लाइफ बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि बेहतर पैकेजिंग न केवल उत्पाद की गुणवत्ता और ताजगी बनाए रखती है, बल्कि बाजार में उसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और उपभोक्ता विश्वास को भी बढ़ाती है।
इस अवसर पर जिला औद्योगिक एवं निर्यात प्रोत्साहन समिति के अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रतिभागियों को वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजीन योजना के आगामी स्वरूप एवं इसके उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष के प्रारंभ में योजना के शुभारंभ के पश्चात इसे चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि जिले के पारंपरिक एवं स्थानीय व्यंजनों से जुड़े उद्यमियों और जरूरतमंद हितधारकों को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके। योजना के क्रमिक क्रियान्वयन के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता एवं अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे वे अपने व्यवसाय को सुदृढ़ कर सकें, उत्पादन क्षमता बढ़ा सकें तथा अपने उत्पादों को बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ व्यापक बाजार तक पहुंचा सकें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि ओडीओसी के माध्यम से स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों को एक संगठित पहचान देने के साथ-साथ उनसे जुड़े छोटे उद्यमियों और कारीगरों के लिए आर्थिक अवसरों का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों एवं विशेषज्ञों के बीच ज्ञानवर्धक संवाद, अनुभवों का आदान-प्रदान तथा क्षमता निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। हितधारकों ने अपने अनुभव साझा किए तथा स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग, विपणन एवं दीर्घकालिक संरक्षण से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का समापन सकारात्मक एवं उत्पादक वातावरण में हुआ। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए नई तकनीकों एवं व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम मेरठ के पारंपरिक ओडीओसी उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा जिले के पारंपरिक खाद्य उत्पादों की ब्रांड वैल्यू बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

