फिल्म अभिनेत्री जॉहन्वी कपूर ग्लोबल एथलेटिक ब्रांड न्यू बैलेंस की पहली भारतीय ब्रांड एम्बेसडर बन गई है। इस बारे में लिखा जा रहा है कि वर्ष २०२५ में उनके प्रभावशाली परफॉरमेंशज के साथ अपनी वर्सेटिलिटी और स्कीन प्रेजेंस को साबित करने के बाद फिल्म अभिनेत्री अब सिनेमा से आगे बढ़कर अपने अभियन का दायरा बढ़ा रही है। जाहन्वी कपूर के बढ़ते फोकस को एक मील का पत्थर माना जा रहा है ब्रांड एम्बेसडर बनने के बाद। जाहन्वी कपूर ने कपूर न्यू बैलेंस के उन मूल्यों को दर्शाती बताई जा रही है जिन्हें यह बं्रांड वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करता है। फिल्म अभिनेता अभिनेत्री की लोकप्रियता और आय खूब बढ़े इसमें किसी को कोई ऐतराज नहीं है लेकिन इसके लिए अपने देश की संस्कृति और मापदंडों से खिलवाड़ किसी भी रूप में उचित नहीं कहा जा सकता। कई कंपनियां और संस्थान वर्तमान समय में बड़े स्टारों को लेकर अपने प्रचार प्रसार के लिए उनके ऐसे फोटो प्रकाशित करा रहे हैं जो समयानुकुल सही नहीं कहे जा सकते। वो बात और है कि स्वतंत्रता और अधिकारों के नाम पर कुछ लोग इसकी वकालत करते हों।
बताते चलें कि पूर्व में फैंटासी और डिवीलेयर पत्रिका के खिलाफ देश में इसलिए कार्रवाई होती थी क्योंकि उसमें अर्धनग्नता अश्लील पोस्टर छपे होते थे जिनसे भारतीय परंपराओं को ठेस पहुंचती थी। लेकिन वर्तमान में जब संस्कृति सिद्धांतों और परंपराओं को बनाने की पक्षधर सरकार है तो ऐसे में जाहन्वी कपूर का जो यह फोटो कुछ अखबारों में छपा और इसके लिए लेखक ने उनकी प्रशंसा करते हुए महिमामंडन किया है वो मुझे लगता है सही नहीं है।
देश में आज की तारीख में माता बहनें और नारी शक्ति आधी आबादी के रूप में उभरकर सामने आई हैं और हर क्षेत्र में कामयाबी के ध्वज फहरा रही हैं। ऐेसे में सबको अपनी बात कहने खाने पीने और वस्त्र पहनने का अधिकार है। इसे कोई भी चौलेंज नहीं कर सकता। मेरी निगाह में हम हमेशा नारी को पूजनीय मानकर चलते रहे हैं। ऐेसे में मैं सिर्फ यह कह सकता हूं कि नई पीढ़ी को आदर्श और सोच प्रदान करने के लिए फिल्म स्टारों को सिर्फ टीआरपी और आय के साधनों को ही प्राथमिकता नहीं देनी चाहिए। उन्हें यह भी देखना चाहिए कि नई पीढ़ी को हम कौन सा संदेश देकर किधर ले जा रहे हैं। रही बात कंपनियों की तो वो अपने फायदे के ज्यादातर कुछ भी करने कराने को तैयार रहती है। सरकार को दूरसंचार मंत्रालय और फिल्म सेंसर बोर्ड को नई पीढ़ी का सही मार्गदर्शन देने की सोच को आत्मसात कर ऐसे वस्त्र पहनने या अर्धनग्नता या अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले कदम का विरोध करते हुए उस पर रोक लगाने के लिए नीतियों को लागू करने में समय नहीं लगाना चाहिए। यह बात मैं हीनभावना या किसी को अपमानित करने की दृष्टि से नहीं कह रहा हूं। हमें जो बुजुर्गाे ने सिखाया अैर सरकार जो संदेश देती है उसे ध्यान रखते हुए मुझे लगता है कि अगर हम पूरे कपड़े पहनकर भी अभिनय को प्राथमिकता दें तो लोकप्रियता में कोई कमी आने वाली नहीं है। बाकी तो कपूर खानदान में बड़े फिल्म स्टार हुए है लेकिन ऐसा कभी देखने को नहीं मिला। जाहन्वी कपूर एक अच्छी अदाकारा होने के साथ दर्शकों में उनका आकर्षण कम नहीं है। इस दृष्टि से वस्त्रों का चयन करने में थोड़ी अहतियात बरती जाए तो अच्छा है। बाकी उन्हें क्या पहनना है क्या नहीं यह तो उन्हें सोचना है हमें नहीं।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- मुख्यमंत्री जी अभी हजारो हेक्टेयर भूमि और कब्जा मुक्त हो सकती है अफसर शिकायतों का कर रहे हैं फर्जी निस्तारण ढूंढने से भी खेती व कृषि की जमीन
- बाईपास पर एक नामी कंपनी के स्टोर की चर्चा, रेडिसन ब्लू संगरीला द ललिता अशोका जैसे होटलों और नामचीन कंपनियों के सेल्स
- कच्ची कॉलोनियां काटकर और अवैध निर्माण करने तथा सरकारी जमीन घेरकर बेचने वालों के खिलाफ देशभर में चलेगा बुल्डोजर सुविधा शुल्क लेने वाले भी बचा नहीं पाएंगे
- पत्रकारों के साथ जो जनप्रतिनिधि करते थे अब युवाओं के साथ कर रहे हैं
- छोटा हसनपुर से सिसौली तक भाजपा ने निकाली तिरंगा यात्रा
- प्रो. उषा सिंह मेजर पद पर हुईं पदोन्नत
- दीपके का ऐलान, जंतर-मंतर पार्ट 2 जल्द
- रक्षाबंधन पर परिवहन निगम छह दिन अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा

