जयपुर, 26 फरवरी। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव करते हुए स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में चुनाव लड़ने के लिए दशकों पुराने ‘दो बच्चों के नियम’ को समाप्त करने की मंजूरी दे दी है। गत दिवस मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
तत्कालीन शेखावत सरकार ने दो से अधिक बच्चों के माता-पिता के चुनाव लड़ने पर रोक लगाई थी। दो बच्चों की बाध्यता समाप्त करने को लेकर मंत्रिमंडल में फैसले के बाद अब विधानसभा के वर्तमान सत्र में राजस्थान पंचायतीराज संशोधन विधेयक और राजस्थान नगरपालिका संशोधन विधेयक-2026 विधेयक पारित होंगे। मंत्रिमंडल की बैठक में भारत मंडपम की तर्ज पर जयपुर में 5800 करोड़ रुपये की लागत से राजस्थान मंडपम बनाने का भी फैसला लिया गया।
इस फैसले की घोषणा करते हुए कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 और राजस्थान नगर पालिका (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि इन संशोधनों के साथ, दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों को पंचायत और नगरपालिका चुनावों में चुनाव लड़ने से रोकने वाला प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। दोनों विधेयक मौजूदा विधानसभा सत्र में पारित हो जाएंगे।
पटेल ने कहा कि दो बच्चों की सीमा मूल रूप से जनसंख्या नियंत्रण उपाय के रूप में लागू की गई थी। हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक-राजनीतिक संदर्भ में काफी बदलाव आया है, जिससे यह प्रावधान अप्रचलित हो गया है। इस प्रतिबंध के हटने से स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है। कई जमीनी स्तर के नेता और संभावित उम्मीदवार, जो पहले इस नियम के तहत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिए गए थे, अब चुनाव लड़ सकेंगे। गांव और जिला स्तर पर भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेता इस नियम से प्रभावित थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से आगामी पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में भागीदारी बढ़ सकती है और प्रतिस्पर्धा तीव्र हो सकती है। विधानसभा में वर्षों से दो बच्चों के नियम को खत्म करने की मांग बार-बार उठाई जा रही थी। कांग्रेस विधायक हेमराम चौधरी और भाजपा विधायक चंद्रभान सिंह अक्या सहित सभी दलों के विधायकों ने सवाल उठाया था कि यह प्रतिबंध केवल पंचायत और नगरपालिका चुनावों पर ही क्यों लागू होता है, विधानसभा या लोकसभा चुनावों पर क्यों नहीं।
Trending
- अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत अदनान-जावेद-नाजिम और कासिम को भी उम्रकैद
- प्रबल हत्याकांड में कारोबारी बाप-बेटे समेत 7 को उमक्रैद, बेटी से बात करने पर हत्या की थी, सदमे में माता-पिता की मौत
- शांति से कांवड़ मेला संपन्न कराना महत्वपूर्ण है लेकिन व्यवस्थाओं के नाम पर नागरिकों का अपमान और घरों में कैद करने की कोशिश सही नहीं, मेरठ से बाहर के शिवभक्तों को कांवड़ मार्ग से भेजा जाए
- भाई यह हिंदुस्तान है पाकिस्तान नहीं, केसरिया रंग पर विवाद क्यों
- निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से सीजेआई को बाहर क्यों रखा
- बंगाल के बर्धमान में जैश का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, सीएम शुभेंदु पर हमले की साजिश
- कांवड़ यात्रा : 11 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश रहेगा बंद, ईस्टर्न पेरिफेरल होकर निकलेंगे वाहन
- कोर्ट का आदेश लेकर पहुंची महिला, ससुरालियों ने नहीं दी एंट्री

