महिला आरक्षण से जोड़ परिसीमन का प्रस्ताव पास कराने के लिए विरोधी दल भाजपा को घेरने में लगे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि महिला आरक्षण टाल रही है सरकार। तो यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव का कहना है कि योगी आदित्यनाथ की पदयात्रा विपक्ष में बैठने का पूर्व अभ्यास है। उन्होंने पीएम मोदी द्वारा लोकसभा में संबोधन के दौरान अखिलेश यादव को अपना मित्र बताते हुए कहा था कि वह कभी कभी मेरी मदद कर देते हैं। पीएम ने यह टिप्पणी तब की जब उन्होंने सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने यह टिप्पणी कि वह ओबीसी समाज से आते हैं। इस पर अखिलेश यादव का कहना है कि ऐसे दोस्तों की जरुरत नहीं और भी विपक्षी नेता महिला आरक्षण विधेयक पास ना होने को लेकर भाजपा को जिम्मेदार बता रहे हैं। कई का कहना है कि यूपी के मेरठ में शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट प्रकरण में कई दिन से महिलाएं धरने पर बैठी हैं लेकिन यूपी के सीएम योगी ने उनकी समस्या के समाधान के बारे में कोई बात प्रभावशाली रुप से नहीं कही। जहां तक मुझे याद है केंद्र व कई प्रदेशों में सत्ता संभाल रहीं पार्टी व यूपी सीएम का किसी बात को लेकर ध्यान आकर्षण के लिए भरी धूप में अपने नेताओं के साथ महिला आरक्षण के समर्थन में जो प्रदर्शन किया वो ऐतिहासिक अवसर भी कह सकते हैं। खबरों से पता चलता है कि कितने ही लोग सीएम योगी को सड़कों पर देखकर आश्यर्चचकित रह गए और कितनो का उत्साह बढ़ा। और वो आंदोलन में शामिल हो गए। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, ओमप्रकाश राजभर समेत अन्य नेताओं के साथ सड़क पर निकले। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि महिला आरक्षण पर सपा कांग्रेस बेनकाब हो गई। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महिलाओं का आक्रोश सपा कांग्रेस को मिटा देगा। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोले कि बिल के विरोध का नतीजा भुगतेगा विपक्ष। हाथ में तिरंगा झंडा लिए पदयात्रा में शामिल सीएम योगी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खरकवाल सहित सहयोगी दलों के नेता और भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पदयात्रा में शामिल रहे। कौन सही है कौन गलत यह अलग विषय है लेकिन फिलहाल यह कह सकते हैं कि अब समय आ गया है कि देर सवेर आधी आबादी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से कोई रोक नहीं सकता। उनकी ताकत जो पहले ही असीम है अब और बढ़ेगी। यह बात विश्वास से कही जा सकती है कि महिलाओं के मुकाबले का मैनेजमेंट आसानी से कोई भी नहीं कर पाता है इसलिए इनको मिले आरक्षण से देश के विकास में तेजी आएगी। मध्यम दर्जे के गरीब परिवारों से संबंध नीतियां लागू करने का कार्य सरकार मे प्राथमिकता से होगा क्योंकि आम आदमी की चिकित्सा शिक्षा में जो समस्याएं आ रही है उनमें सुधार होगा यह विश्वास से कहा जा सकता है।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- महिला आरक्षण को लेकर सड़क पर उतरी यूपी सरकार, विपक्षी बोले अलग से लाएं महिला आरक्षण बिल, देश के विकास में सहभागी बनेगी आधी आबादी
- खरगे ने अगर पीएम मोदी को आतंकवादी बताया है तो बिना शर्त माफी मांगें
- बुजुर्गों के लिए घर में कैसा लगवाएं एसी? जरूरी फीचर्स देखकर करें फैसला
- नाबालिग को रखा वयस्क कैदियों के साथ, सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, यूपी सरकार पर 5 लाख का जुर्माना
- शाहरुख की किंग ने रिलीज से पहले 250 करोड़ रूपये कमाए
- OpenAI ने लॉन्च किया अपडेटेड ChatGPT इमेजेज 2.0 मॉडल, अब हिंदी और बंगाली में कमांड देकर बनवाएं मनपसंद तस्वीरें
- टेक्निकल सहायक रिश्वत लेते दबोचा
- दिल्ली में IRS अधिकारी की बेटी की दुष्कर्म के बाद हत्या, चार्जर के तार से घोंटा गला
