बुलंदशहर, 31 जनवरी। पहासू क्षेत्र के गांव दीघी में किशोर की मौत से परिवार में मातम छाया हुआ है। परिजनों के अनुसार किशोर को एक वर्ष पूर्व गांव में कुत्ते ने काटा था। पिछले दो दिन से किशोर पानी और चाय देखकर डर रहा था। रेबीज की आशंका से परिजन उसे अलीगढ़ मेडिकल कालेज ले गए। गत रात किशोर की मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार कुत्ते काटने के बाद रेबीज़ के लक्षण आम तौर पर 30 से 50 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं। यह अवधि 10 दिन से लेकर एक वर्ष तक हो सकती है।
परिजनों के अनुसार, एक साल पूर्व छात्र श्रवण को कुत्ते ने काटा था, जिसके बाद अस्पताल में उसका टीकाकरण भी कराया गया था।
26 जनवरी की शाम को श्रवण की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वह पानी और चाय जैसी चीजों को देखकर डरने लगा। उसे उपचार के लिए अलीगढ़ जनपद ले जाया गया।
अलीगढ़ में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक श्रवण, टीकम सिंह का पुत्र था और कक्षा 9 का छात्र था। वह अपने पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चिकित्सकों के अनुसार, कुत्ते के काटने के बाद रेबीज के लक्षण आमतौर पर 30 से 50 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं। हालांकि, यह अवधि 10 दिन से लेकर एक वर्ष तक भी हो सकती है। कुत्ते के काटने के 24 घंटे के भीतर टीका (वैक्सीन) लगवाना सबसे सुरक्षित माना जाता है। इस संबंध में पहासू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि अस्पताल में आने वाले कुत्ते के काटने के सभी मामलों में रेबीज के टीके लगाए जाते हैं।
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