धर्मशाला, 13 मई (ता)। कांगड़ा के विधायक, नगर निगम चुनाव प्रभारी एवं प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष पवन काजल कहा कि सुक्खू सरकार की दोगली व झूठी जड़ों को नगर निगम धर्मशाला की जनता चुनावों में काट देगी। कांग्रेस सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सभी 17 वार्डों की जनता मतदान के माध्यम से उसे करारा जबाव देने के लिए तैयार बैठी हुई है। जनता तय कर चुकी है कि सुक्खू सरकार को उखाड़ फेंकने का समय आ चुका है।
पवन काजल ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने खजाना खानी होने के बाहने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार कर रख दिया है। कांग्रेस सरकार से जनता के हाथों में निराशा ही हाथ लगी है। पवन काजल ने यह भी आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने जिन गारंटियों के आधार पर सत्ता हासिल की थी, उन्हें लागू करने में विफलता दिखी है, जिससे जनता में असंतोष है। सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर झूठी गारंटियों, तानाशाही और कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगे हैं। कांग्रेस सरकार ने जनता को ठगा है और वादे पूरे नहीं किए, जिसमें 5 लाख नौकरियों का मुद्दा प्रमुख है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में भ्रष्टाचार बढ़ गया है और सुक्खू सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। राज्य में बिजली निगम के भीतर करोड़ों का घोटाला किया गया है। उन्होंने कहा कि लगभग चार सालों में सुक्खू सरकार ने नगर निगम धर्मशाला की जनता को विकास ओर सुविधाएं देने की बजाए अपने मित्रों व नेताओं को खुश किया है। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही अपने नेताओं और समर्थकों को खुश करने के लिए बड़ी संख्या में सलाहकार, ओएसडी, मीडिया सलाहकार, आईटी सलाहकार, राजनीतिक सलाहकार और विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष व सदस्य नियुक्त किए। इनमें कई पदों को कैबिनेट रैंक तक दिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रधान मीडिया सलाहकार, आईटी सलाहकार, राजनीतिक सलाहकार, ओएसडी, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष, विभिन्न आयोगों के चेयरमैन, बोर्ड-कॉरपोरेशनों के चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन जैसे अनेक पदों पर कांग्रेस नेताओं की नियुक्तियां की। इसके अलावा विभिन्न संस्थानों और बोर्डों में भी कांग्रेस से जुड़े लोगों को नियुक्त किया।
पवन काजल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार का पूरा ध्यान जनता की समस्याओं को हल करने के बजाय अपने नेताओं को पद और सुविधाएं देने पर केंद्रित रहा है। प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं, सेवानिवृत्त कर्मचारी सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। युवा बेरोजगार हैं और किसान-बागवान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार स्पष्ट करे कि जब प्रदेश आर्थिक संकट से गुजर रहा है, तब इतने बड़े पैमाने पर राजनीतिक नियुक्तियां कर जनता के पैसे से मोटे वेतन और सुविधाएं क्यों दी गई। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार जनता के हितों की बजाय अपनों को पद और सुविधाएं देने वाली सरकार बनकर रह गई है।
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