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    Home»देश»तीन साल में कुल 400 ई-रिक्शा ही सील कर पायी पुलिस
    देश

    तीन साल में कुल 400 ई-रिक्शा ही सील कर पायी पुलिस

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJuly 3, 2026No Comments5 Views
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    मेरठ 03 जुलाई (प्र)। अपने शहर की यातायात पुलिस ही जब अवैध कारोबार को प्रश्रय देगी तो शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का बैंड बजना निश्चित है। कुछ ऐसे ही हालात शहर के हुए हैं, जहां एक लाख से अधिक दौड़ रहे ई-रिक्शाओं की भीड़ में से यातायात पुलिस महज चार सौ का ही चालान कर सकी है। जबकि इस अवधि महज छह लाख रुपये का ही जुर्माना वसूला गया। साफ जाहिर है कि शहर में दौड़ रहे अवैध वाहनों को यातायात पुलिस का खुलेआम संरक्षण मिला हुआ है।
    आईटीआई में यातायात पुलिस से पूछे गये सवालों से यह सब खुलासा हुआ। शहर में जाम की समस्या नासूर बन चुकी है। इससे निजात दिलाने के लिए समय-समय पर योजनाएं बनती रही हैं. लेकिन उम्मीद के मुताबिक राहत नहीं मिली। शहर में बेतरतीब ढंग से दौड़ रहे ई- रिक्शा जाम का कारण बन रहे हैं। मुख्य मार्गाे के साथ ही यह भीतरी इलाकों में भी ट्रैफिक को प्रभावित करते हैं।

    ई-रिक्शा आवागम का सुगम जरिया माना जाता है, लेकिन इनकी अधिकतम स्पीड 30 किलोमीटर प्रति घंटा की है, जो मुख्य मार्गाे पर अन्य वाहनों के लिए परेशानी पैदा करती हैं। दूसरी तरफ ई-रिक्शा का कोई स्टैंड न होने से बीच सड़क पर ही सवारियां बैठाई व उतारी जाती हैं। शहर वासियों को हो रही इस ई-रिक्शा की मुसीबतों पर जब आरटीआई डाली गयी तो उसमें खुलासा हुआ कि बड़ी मुसीबत यातायात पुलिस की ईमानदारी है। कहावत है कि हाथी के खाने के दांत और दिखाने के और होते हैं।

    कुछ ऐसा ही मामला यातायात पुलिस ने शहर वासियों के साथ किया। शहर वासियों को तो एक तरफ इस मुगालते में रखा कि सारी यातायात व्यवस्था खुद अवैध ई-रिक्शा चालक कर रहे हैं। लेकिन असलियत यह है कि जब यातायात पुलिस ही इन्हें प्रश्रय देगी तो कैसे अवैध नहीं संचालन होगा। आरटीआई में यातायात पुलिस ने कहा है कि वर्ष 2024 में 319 चालान किये गये। इसी तरह 2025 में 185 अवैध ई-रिक्शा के चालान किये गये जबकि 2026 में अब तक महज 6 ई-रिक्शा के चालान किये गये हैं। आरटीआई में यातायात पुलिस ने वर्ष- 2024 में 2 लाख 85 हजार रुपये जुर्माना वसूला। जबकि वर्ष 2025 में 3 लाख 39 हजार 700 रुपये का जुर्माना वसूला। इसी तरह इस वर्ष में अब तक 52 हजार रुपये ही जुर्माना वसूला जा सका है।

    ई-रिक्शा पर लगे थे स्टिकर
    यातायात पुलिस ने शहर में 5 रूट निर्धारित किए थे ट्रैफिक पुलिस ने उनमें पांचों रूट्स में कुल 7 हजार 5 सौ रिक्शाओं पर स्टिकर लगाए गए आरटीआई एक्विस्ट मनोज चौधरी ने बताया कि यातायात प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने उनके द्वारा पूछे गये छह सवालों के जवाब में पूरी तरह से ई-रिक्शा चालकों का यह कहते हुए बचाव किया कि पुलिस ने पूरी तरह शहर की व्यवस्था को व्यवस्थित करने का प्रयास किया है। इसमें यातायात पुलिस ने रूट नंबर 1 पर 2614 स्टिकर लगाये गये रूट 2 में 2052, सट-3 में 1026, रूट नंबर 4 पर 1850 स्टिकर तथा रूट नंबर 5 पर 104 स्टिकर लगाये गये।

    ई-रिक्शा से हवा में फेल रहा प्रदूषण
    ई-रिक्शा की शुरूआत पर्यावरण संरक्षण के लिए किया गया था लेकिन अब ये खतरा बनते जा रहे हैं। घटिया बैट्री से आबो-हवा पर बुरा असर पड़ रहा है। ई-रिक्शा में प्रयोग की जा रही घटिया किस्म की बैट्री शहर में कई जगह बन रही हैं। स्थानीय स्तर पर अवैध रूप से बैट्री को ठीक करने या बैट्री बनाने वाले व्यापारी ही पुरानी बैट्री खरीदते हैं। फिर उसे गलाने के बाद उसमें से लेड की प्लेट अलग कर ली जाती है। प्लास्टिक कवर, लेड प्लेट के साथ ही वायर बाक्स व सल्फ्यूरिक एसिड आदि लगाकर नई बैट्री तैयार कर दी जाती है।

    एसपी ट्रैफिक राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि अवैध रूप से दौड़ रही ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। नाबालिग चालकों के साथ ही बिना नंबर प्लेट और अधिक सवारी ढोने वाले चालकों पर नज़र रहेगी। इस दौरान आरटीओ की भी मदद ली जाएगी।

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