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    Home»देश»नोटिस पर मतदाता खुद की जगह दूसरों को भेज सकेंगे, अब खुद उपस्थित होना जरूरी नहीं
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    नोटिस पर मतदाता खुद की जगह दूसरों को भेज सकेंगे, अब खुद उपस्थित होना जरूरी नहीं

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJanuary 24, 2026No Comments14 Views
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    लखनऊ,24 जनवरी। बुजुर्ग व बीमार मतदाताओं के साथ-साथ अब ऐसे वोटर जो किन्हीं कारणों से अपनी नोटिस का जवाब देने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो सकते तो वह अपनी जगह दूसरे को भेज सकेंगे। एक आशय पत्र लिखकर उस पर हस्ताक्षर व अंगूठे का निशान लगाकर वह दूसरे व्यक्ति को जवाब दाखिल करने के लिए ईआरओ के पास भेज सकेंगे।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने मतदाताओं की समस्याओं को देखते हुए यह सुविधा दी है। कई मतदाताओं की ओर से यह मांग भी की जा रही थी कि वह अपने निजी, ऑफिस व अन्य कारणों से बाहर जाने की वजह से व्यस्त हैं और नोटिस पर जो समय व दिनांक दिया गया है, उस पर आने में उन्हें कठिनाई हो रही है। ऐसे में चुनाव आयोग की ओर से उन्हें ईआरआर व एईआरओ के समक्ष स्वयं उपस्थित होने से छूट दे दी गई है। ऐसे 1.04 करोड़ मतदाता हैं, जिनका वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान न हो पाने के कारण नोटिस दिया है। अब इन्हें पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र या फिर शैक्षिक प्रमाण पत्र सहित 13 दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज देने होंगे।

    प्रदेश भर में पहले चरण में नोटिस जारी होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की ओर से मांग की गई कि उनकी जगह परिवार का कोई अन्य सदस्य या मित्र जवाब दाखिल कर सके ऐसी सुविधा दी जाए। ऐसे में सीईओ ने प्रक्रिया को सरल, सुलभ और समावेशी बनाने के लिए यह सुविधा दी गई है। जिससे लोगों के नाम न कटें। पोर्टल voters.eci.gov.in पर कोई भी देख सकता है कि उसे नोटिस जारी हुआ या नहीं। एसआईआर-2026 के कॉलम में सबमिट डॉक्युमेंट अगेंस्ट नोटिस इश्यू पर क्लिक करके यह पता चल जाएगा कि नोटिस आया है या नहीं।
    यदि नोटिस जारी हुआ है, तो नया पेज खुलेगा जहां मतदाता को इपिक संख्या या नोटिस संख्या भरने के साथ ही निर्धारित अभिलेखों को अपलोड करना होगा।

    जिन मतदाताओं का जन्म एक जुलाई, 1987 से पूर्व हुआ है, उन्हें केवल स्वयं से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करना होगा। जिन मतदाताओं का जन्म एक जुलाई 1987 के बाद और दो दिसंबर 2004 के मध्य हुआ है।

    उन्हें स्वयं का तथा अपने पिता या माता में से किसी एक के अभिलेख प्रस्तुत करना होगा। मतदाता का जन्म दो दिसंबर 2004 के बाद हुआ है, तो उसे स्वयं के साथ-साथ अपने माता और पिता दोनों के ही अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।

    रिणवा ने बताया है कि नोटिस के जवाब में मतदाता स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि के माध्यम से अपना, पिता, माता की जन्मतिथि और जन्म स्थान के प्रमाण के रूप में 13 अभिलेखों में से कोई एक अभिलेख उपलब्ध करा सकते हैं।

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