मेरठ 09 जून (प्र)। वाहनों से होने वाला प्रदूषण रोकने और चार्जिंग की समस्या हल करने के लिए नगर निगम अगले साल जनवरी तक शहर में 20 ईवी चार्जिंग और पांच बैट्री स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करेगा। यह व्यवस्था पीपीपी माडल पर संचालित होगी। चयनित कंपनी अपने खर्च पर चार्जिंग स्टेशन लगाएगी। निगम सिर्फ जमीन मुहैया कराएगा। नगर निगम तीन-चार दिन में जमीन चिह्नित कर इसी सप्ताह शासन को प्रस्ताव भेजेगा। चार्जिंग स्टेशन पर सभी लोग इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग करा सकेंगे जबकि बैट्री स्वैपिंग स्टेशन पर बिना इंतजार किए अपनी खाली बैट्री को चार्ज बैट्री से बदल सकेंगे। इसी क्रम में ई- बसों का बेड़ा भी बढ़ेगा।
नगर आयुक्त सौरभ गंगवार के निर्देश पर सहायक नगर आयुक्त व संपत्ति अनुभाग की वरिष्ठ प्रभारी तनुजा निगम ने जमीन का सर्वे शुरू कर दिया है। निर्माण अनुभाग के अधिशासी अभियंता शिरीष सिंह को नोडल अधिकारी बनाया है। यह ध्यान रखना है कि इस जमीन के आसपास बिजली उपकेंद्र हो, ताकि चार्जिंग स्टेशन तक ज्यादा लंबी लाइन न डालनी पड़े। इसके आसपास ढाबे, होटल-रेस्टोरेंट या बाजार हो, ताकि चार्जिंग में लगने वाले आधे घंटे से डेढ़ घंटे तक के समय का लोग सदुपयोग कर सकें।
शहर के अंदर मुख्य मार्ग किनारे जगह चिह्नित करनी है। दिल्ली रोड, बिजली बंबा बाईपास रोड, गढ़ रोड, हापुड़ रोड़, मवाना रोड, बागपत रोड, रुड़की रोड, सरधना रोड सहित साकेत, सिविल लाइंस में जमीन की प्राथमिकता रहेगी। शासन से प्रस्ताव स्वीकृत होते ही टेंडर निकाले जाएंगे। उधर, फिलहाल शहर में 50 ई-बसें संचालित हैं लेकिन कुल 400 ई-बसों की जरूरत है। शासन स्तर से 350 और ई-बसों की व्यवस्था की जाएगी। प्रथम चरण में 100 ई-बसें बढ़नी संभावित हैं। नए ई-बस डिपो के निर्माण का प्रस्ताव भी बनेगा।
नीति वन चुकी अब तेजी से बनने हैं स्टेशन नगर निगम के मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण और गतिशीलता नीति 2022 के तहत राज्य सरकार ने प्रदेश में चार्जिंग और बैट्री स्वैपिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। इसके तहत हर एक जिले में न्यूनतम 20 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन और पांच बैट्री स्वैपिंग स्टेशन बनाने अनिवार्य हैं। साल 2027 तक चार्जिंग नेटवर्क का जाल बिछाने का लक्ष्य है। पूरे प्रदेश में कुल 1500 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन और 375 बैट्री स्वैपिंग स्टेशन बनेंगे।
केंद्र सरकार की ये गाइडलाइन
- शहर में हर तीन किलोमीटर पर कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन बनाना है।
- एक्सप्रेस वे और हाईवे पर हर 25 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
- कामर्शियल और भारी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हर 100 किलोमीटर पर विशेष चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य ।
इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति बढ़ेगा लोगों का रुझान
शहर में 20 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों को रुझान तेजी से बढ़ेगा। बढ़ते वायु प्रदूषण और दिनोंदिन ईंधन की बढ़ती महंगाई के बीच इलेक्ट्रिक वाहन अच्छा विकल्प है। अभी शहर में ईवी चार्जिंग स्टेशन न होने से लोगों के सामने वाहन की चार्जिंग के लिए स्वयं व्यवस्था करनी पड़ रही है। जब ये स्टेशन चालू हो जाएंगे तो ई-स्कूटी से लेकर सभी तरह के इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग की सुविधा लोगों को मिल जाएगी।

