नई दिल्ली 13 जनवरी। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बैंक खातों से होने वाली ठगी पर अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने कहा है कि यदि किसी के खाते से अवैध तरीके से रुपये की निकासी होती है और इसमें खाताधारक की गलती या लापरवाही नहीं है, तो 10 दिन के भीतर निकाली गई रकम वापस करना बैंक की जिम्मेदारी है। शीर्ष उपभोक्ता आयोग ने भारतीय रिजर्व बैंक के 2017 के सर्कुलर के प्रावधानों को स्पष्ट करते हुए यह फैसला दिया है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एपी शाही और सदस्य भरतकुमार पांड्या की पीठ ने महिला खाताधारक के हक मे फैसला देते हुए राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के फैसले के खिलाफ बैंक की अपील को खारिज कर दिया। हाल में पारित फैसले में आयोग ने कहा कि खाते से लेनदेन की प्रकृति और समय (शाम- सात बजे और रात के 12 से 1 बजे के बीच) से इस बात का कोई संदेह नहीं रह जाता है कि यह या तो सिस्टम यानी बैंकिंग तंत्र की कोई गड़बड़ी है या किसी तरह की हैकिंग है। इसी का शिकार शिकायतकर्ता हुआ। कहा कि शिकायतकर्ता ने खाते में गड़बड़ी की तुरंत सूचना बैंक को दी थी, इसलिए आरबीआई द्वारा 2017 में जारी सर्कुलर के अनुसार उसके रकम का एक कुशल संरक्षक होने में बैंक पूरी तरह से विफल रहा।
पीठ ने कहा कि अपीलकर्ता बैंक ऐसा साक्ष्य पेश करने में विफल रहा कि खाताधारक ने ओटीपी किसी अनजान के साथ साझा की थी। ऐसे में मौजूदा मामला आरबीआई सर्कुलर के क्लॉज 6(ए) के तहत आता है, जो खाताधारक की ‘शून्य देयता’ निर्देशित करता है। पीठ ने कहा कि बैंक की यह जिम्मेदारी है कि जब खाताधारक की कोई लापरवाही नहीं हो तो वह खाते से गायब रकम 10 कार्य दिवसों में वापस करें। हम राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता आयोग के निष्कर्ष से सहमत हैं कि बैंक सेवा में कमी का दोषी है।
Trending
- व्हाट्सएप पर वायरस दोस्तों के नाम से भी आ सकता है
- अमरनाथ यात्रा के लिए जत्था रवाना, गूंजा हर हर महादेव का जयघोष
- माधवपुरम बिजलीघर पर जड़ा ताला, पथराव के बाद दिल्ली रोड जाम
- रिटायर्ड बैंककर्मी के घर लाखों की चोरी में दंपति समेत तीन गिरफ्तार
- 16 घंटे हैक रही मेरठ विकास प्राधिकरण की वेबसाइट, साइबर सेल में मुकदमा दर्ज
- माता वैष्णो देवी मार्ग पर बड़ा हादसा, अनियंत्रित होकर पलटी CSSF की मैटाडोर; 14 जवान घायल
- UP में बेटियों की पढ़ाई हुई सस्ती, स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली एक परिवार की दूसरी बेटी की फीस होगी माफ
- मेरठ में प्रशासन अलर्ट मोड पर; नियम तोड़ने पर 93 हजार लाइसेंस और Registration Cancellation की संस्तुति

