देहरादून. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने लोन स्वीकृत कराने के नाम पर रिश्वत वसूलने वाले एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रभु दयाल, उत्तर प्रदेश के आगरा जिले का निवासी है और खुद को नई दिल्ली स्थित पशुपालन एवं डेयरी विभाग का अधिकारी ‘ऋषि गुप्ता’ बताकर लोगों से ठगी करता था।
मामला ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी शकील अहमद की शिकायत पर दर्ज किया गया। शकील ने एएचआईडीएफ योजना के तहत 22.50 लाख रुपये के लोन के लिए आवेदन किया था।
आरोप है कि लोन मंजूर कराने के बदले आरोपी ने दो प्रतिशत कमीशन के रूप में 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। सीबीआई ने 29 जून को जाल बिछाया, जिसके तहत आरोपी ने पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये एक क्यूआर कोड के जरिए मंगवाए।
जांच में पता चला कि आरोपी दूसरों के बैंक खातों और फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रकम हासिल करता था। उसके पास लोन के लिए आवेदन करने वाले कई लोगों का डेटा भी मिला, जिसके आधार पर वह लोगों को फोन कर लोन निरस्त होने का डर दिखाकर पैसे ऐंठता था। डिजिटल निगरानी और कॉल रिकॉर्ड की मदद से सीबीआई ने आरोपी को आगरा से गिरफ्तार कर उसके घर से कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले की जांच जारी है।

