Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • प्रसव के दौरान दाई ने नवजात का सिर धड़ से अलग किया
    • समान नागरिक संहिता के एक वर्ष पूर्ण होने पर उत्तराखंड में न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों का उत्सव
    • वृन्दावन बाल सुधार गृह से कंबल ओढ़कर भाग निकली 5 लड़कियां, 2 अपने घर पहुंचीं, 3 की तलाश जारी
    • 10 लाख रुपये रंगदारी न देने पर व्यापारी पर बम फेंकने वाले 5 बदमाश गिरफ्तार
    • बच्चों से या तो नोट कमवा लो या प्यार बना लो लेकिन उनकी आलोचना करना ठीक नहीं है
    • मुख्यमंत्री जी मेडा के वीसी और सचिव को आदेश दीजिए कि नक्शा पास है कहने वालों के साथ ही निर्माणों का मौका मुआयना करे
    • गुजरात में घर के बाहर बैठने को लेकर हुए विवाद में पड़ोसियों ने व्यक्ति को जिंदा जलाया, 3 गिरफ्तार
    • 400 साल पुराने मंदिर से अष्टधातु की राधा-कृष्ण की मूर्तियां चोरी, आक्रोशित लोगों ने किया धरना प्रदर्शन
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»समष्टि के भाव के साथ जोड़ने की प्रेरणा देता है भारत का संविधान : मुख्यमंत्री
    देश

    समष्टि के भाव के साथ जोड़ने की प्रेरणा देता है भारत का संविधान : मुख्यमंत्री

    adminBy adminJanuary 26, 2026No Comments6 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    लखनऊ, 26जनवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस पर आज अपने सरकारी आवास पर झंडा फहराया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। सीएम योगी ने कहा कि 1950 में आज ही के दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। 76 वर्ष की इस यात्रा में संविधान ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन इन सबके बावजूद श्एक भारत-श्रेष्ठ भारत्य के अपने संकल्पों के अनुरूप उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम तक प्रत्येक भारतवासी के गौरव, भारत की एकात्मता और अखंडता के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए हम सब नए भारत का दर्शन कर रहे हैं तो इसमें संविधान की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत का संविधान समष्टि के भाव के साथ जोड़ने की प्रेरणा देता है।

    सीएम योगी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में स्वाधीनता आंदोलन ने नई ऊंचाइयां प्राप्त कीं। भारत की संविधान सभा के अध्यक्ष प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, संविधान शिल्पी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, वर्तमान भारत के शिल्पकार लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल, क्रांतिकारियों के सिरमौर नेताजी सुभाष चंद्र बोस समेत देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले भारत के महान सपूतों को श्रद्धांजलि देते हुए सीएम योगी ने उनकी स्मृतियों को नमन किया।

    सीएम योगी ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ। डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में संविधान सभा के निर्माण के उपरांत 26 नवंबर 1949 को भारत ने अपने संविधान को अंगीकार किया। आज पूरा देश 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में आयोजित करता है। हर भारतवासी का दायित्व बनता है कि हम अपने संविधान के प्रति श्रद्धा व समर्पण भाव से कार्य करें, क्योंकि सम-विषम परिस्थितियों में यह देश का संबल बना है। संविधान की पंक्ति श्हम भारत के लोग्य हर भारतवासी के लिए प्रेरणा है। भारत के संविधान का असली संरक्षक कोई है, तो यहां का नागरिक है। भारत के नागरिकों के प्रति हर संस्था, मंत्रालयों व विभागों को अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। यह संविधान के प्रति हमारे समर्पण के भाव को व्यक्त करता है।

    सीएम योगी ने कहा कि जब भी हम संविधान की मूल भावनाओं का अनादर करते हैं, तो भारत मां के उन महान सपूतों का भी अनादर करते हैं, जिनके दम पर देश स्वतंत्र हुआ। हर नागरिक का यह दायित्व है कि संविधान के प्रति श्रद्धा व समर्पण भाव रखे। हमारे लिए यह पवित्र दस्तावेज है, जो हर विपरीत परिस्थितियों में हमारा मार्गदर्शक होगा। भारत को एकता व अखंडता के सूत्र में बांधने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक तक न्याय, बंधुता व समता के एक भाव को लागू करने के अभियान को भी बढ़ाने का काम जारी रखना होगा।

    सीएम योगी ने कहा कि न्याय, समता व बंधुता, संविधान के तीन शब्द हैं। हर नागरिक को बिना भेदभाव न्याय मिले। जाति, मत-मजहब, भाषा व क्षेत्र के आधार पर भेदभाव न हो। परस्पर समता व बंधुता का माहौल आगे बढ़ेगा तो भारत को विकसित बनाने के पीएम मोदी के अभियान को कोई नहीं रोक सकता।

    विकसित भारत की संकल्पना हर भारतवासी के लिए गौरव का क्षण होना चाहिए। क्योंकि, यह सिर्फ देश की आर्थिक समृद्धि नहीं, बल्कि हर नागरिक की खुशहाली और उसकी कई गुना समृद्धि का दिन होगा। लेकिन, इसका रास्ता समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्तियों से प्रारंभ होता है और यह यात्रा उन नागरिकों के माध्यम से बढ़नी चाहिए। इससे हर स्तर पर आत्मनिर्भरता के भाव से आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलती है।

    cm-yogi-adityanath lucknow republic-day-2026 tazza khabar tazza khabar in hindi uttar-pradesh news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    प्रसव के दौरान दाई ने नवजात का सिर धड़ से अलग किया

    January 28, 2026

    समान नागरिक संहिता के एक वर्ष पूर्ण होने पर उत्तराखंड में न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों का उत्सव

    January 27, 2026

    वृन्दावन बाल सुधार गृह से कंबल ओढ़कर भाग निकली 5 लड़कियां, 2 अपने घर पहुंचीं, 3 की तलाश जारी

    January 27, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.