पंजाब – हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि आपसी सहमति से बना संबंध दुष्कर्म नहीं है। ऐसे कुछ फैसले अन्य मामलों में भी सामने आते रहे हैं। जिन्हें लेकर खुशी और गम की स्थिति बनती है लेकिन बड़ी बात यह है कि जो जागरूक नागरिक सोचते हैं कि सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के जो फैसले आते हैं सरकार उन्हें लागू कराना सुनिश्चित कराकर इनका लाभ आम आदमी को पहुंचाने का काम करें तभी इनका कोई फायदा नजर आता है मगर अभी तक कितने ऐसे निर्णय होते हैं जो जनहित के कहे जाते हैं लेकिन शासन उन्हें लागू नहीं करते है और ना ही कोशिश की जाती है। परिणामस्वरूप ज्यादातर मामलों में लाभान्वित इनसे वंचित रह जाता है इसलिए कुछ नागरिकों के इस नागरिकों के कथन से मैं भी सहमत हूं कि सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट केंद्र व प्रदेश सरकारों को अपने निर्णय लागू करने के लिए अफसरों को निद्रेश देने व लागू करने के निद्रेश दे।
(प्रस्तुतिः-रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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