देश महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई जैसे महापुरुषों और समाजसुधारकों के योगदान को भुलाया नहीं सकता। देश के युवाओं को ऐसे महापुरुषों के दिखाए मार्ग पर चलकर इनके सिद्धांतों को आगे बढ़ाना चाहिए। महान विचारक शिक्षाविद महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले ने दलितों पिछउ़ों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उन्होंने जातिगत ढांचे केा तोड़ने और महिला शिक्षा के लिए काम किया गया। विषम परिस्थितियों में उन्होंने सर्वसमाज के लिए आवाज उठाई उस समय देश में जातिवाद चरम पर था। लेकिन अपनी सुविधाएं छोड सावित्री बाई फुले ने महिलाओं में शिक्षा की लौ जलाई और महात्मा ज्योतिबा फुले द्वारा दलितों व पिछड़ों के उत्थान केलिए कार्य कियागया।
बीते दिनों महान प्रेरणादायक महात्मा ज्योतिबा फुले जी का १९९वां जन्मदिन ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के द्वारा मनाया गया। राष्ट्रीय शिक्षा मिशन के तत्वावधान में भी अनेको आयोजन हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औविपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी उनकी जयंती में भाग लिया। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति ने भी ससद भवन परिसर में पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति ने अपने एक्स अकांउट पर कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने अपना जीवन हाशिये पर रखकर समुदाय के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। इस मौके पर पीएम मोदी और राहुल गांधी में भी वार्ता हुई। पीएम ने राहुल गांधी से पूछा कि आपकी माताजी सोनिया गांधी का स्वास्थ्य कैसा है। इस मौके पर दोनों नेताओं ने हल्के फुल्के अंदाल में इस अवसर को विशेष बना दिया। क्येंकि महात्मा ज्योतिबा फुले का उददेश्य प्यार और जागरुकता लाना था।
आजकल दिए जाने वाले पुरस्कार और सम्मान तो हमेशा चर्चाओं में रहते हैं। मेरा मानना है कि सरकार जिस प्रकार साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए कामकर रही है उसे ध्यान रखते हुएमहात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले को संयुक्त रुप से भारत रत्न देकर युवाओं को प्रोत्साहित करना चहिए क्योंकि जब हम और सरकार महापुरूषों को जिन्हेांने आंडबंर और अशिक्षा के खिलाफ आवाज उठाई को यह मिलता है तो यह उनके काम को परिणाम ही कह सकते हैं। मेरा मानना है कि इनके साथ ही देश में धर्म शिक्षा और कुरीतियों को दूर कर विधवा महिलाओं की शादियां कराने जैसा कठिन कार्य करते हुए राजाओं को भी ऐसा करने के लिए राजी करने में सफल अहिल्याबाई होल्कर को भी उनके कार्य हेतु भारत रत्न दिया जाए तो यह समाज के लिए एक अच्छी सोच होगी। क्योंकि अहिल्याबाई होल्कर ने अपने परिवार को बांधे रखने के साथ देश और समाज व होल्कर राज्य की गरिमा बनाई रखी वो हमेशा सबको याद रहेगी।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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