यूट्यूब (YouTube) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। गूगल (Google) ने यूट्यूब के फ्री यूजर्स के लिए एक पॉपुलर ट्रिक पर रोक लगा दी है, जिससे अब मोबाइल फोन में थर्ड-पार्टी ब्राउजर के जरिए बैकग्राउंड प्लेबैक मुमकिन नहीं होगा। टेक कंपनी गूगल ने एक बड़ा अपडेट जारी करते हुए उस लूपहोल को पूरी तरह बंद कर दिया है। मतलब अगर आपके पास यूट्यूब प्रीमियम सब्सक्रिप्शन (YouTube Premium) नहीं है, तो स्क्रीन बंद करने या दूसरे ऐप पर जाने के बाद वीडियो का ऑडियो अपने-आप बंद हो जाएगा।
क्या था बैकग्राउंड प्लेबैक का तरीका?
अब तक कई यूजर्स मोबाइल में Samsung Internet, Brave, Vivaldi जैसे थर्ड-पार्टी ब्राउजर का इस्तेमाल करते थे। इन ब्राउजरों में डेस्कटॉप मोड या कुछ सेटिंग्स के जरिए यूट्यूब वीडियो को बैकग्राउंड में चलाया जा सकता था। इससे यूजर्स बिना प्रीमियम लिए विडिओ बंद करके ऑडियो कंटेंट सुन लेते थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गूगल ने इस लूपहोल को बंद कर दिया है। अब थर्ड-पार्टी ब्राउजर में भी यूट्यूब वीडियो तभी बैकग्राउंड में चलेंगे, जब यूजर के पास यूट्यूब प्रीमियम सब्सक्रिप्शन होगा। गूगल का मानना है कि बैकग्राउंड प्लेबैक प्रीमियम फीचर है और सभी प्लेटफॉर्म्स पर एक समान नियम लागू होना चाहिए।
फ्री यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर?
इस बदलाव के बाद फ्री अकाउंट इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। अब वे स्क्रीन लॉक करके म्यूजिक या ऑडियो नहीं सुन पाएंगे। खासतौर पर वे लोग जो यूट्यूब को म्यूजिक ऐप या पॉडकास्ट प्लेटफॉर्म की तरह इस्तेमाल करते थे।
YouTube Premium सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स को कई एक्स्ट्रा सुविधाएं मिलती हैं। इसमें बैकग्राउंड प्लेबैक के साथ-साथ ऐड-फ्री वीडियो देखने का ऑप्शन, वीडियो डाउनलोड करने की सुविधा और यूट्यूब म्यूजिक का एक्सेस शामिल है। गूगल इस बदलाव के जरिए ज्यादा से ज्यादा यूजर्स को प्रीमियम की ओर आकर्षित करना चाहता है।
यूजर्स का रिएक्शन
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस फैसले से नाराज नजर आ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि Google धीरे-धीरे फ्री यूजर्स के लिए सुविधाएं कम कर रहा है। कुछ यूजर्स इसे कंपनी की बिजनेस स्ट्रैटेजी मान रहे हैं, जिससे सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू बढ़ाया जा सके।

