बिजनौर, 08 जनवरी। नूरपुर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मंझौला बिल्लौच के मजरा नजरपुर मंडैयो गांव में बुधवार को उस वक्त सनसनी फैल गई जब जंगल में पत्ती बीन रहे एक अधेड़ पर गुलदार ने हमला कर दिया। मौके पर मौजूद उसकी बहादुर बेटी ने गन्ने से वार कर गुलदार के मुंह से अपने पिता को छुड़ा लिया। इस साहसिक घटना के बाद पूरे गांव में बेटी की बहादुरी की चर्चा हो रही है। घटना के बाद ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में पुनः पिंजरा लगाया जाए और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जानकारी के अनुसार 55 वर्षीय रफीक पुत्र ननुवा अपनी पुत्री केसर जहां (32 वर्ष) के साथ गांव से कुछ ही दूरी पर जंगल में पशुओं के लिए गन्ने की पत्तियां बीनने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों से निकले गुलदार ने अचानक रफीक पर झपट्टा मार दिया और उसके पैर को जबड़े में दबा लिया। कुछ क्षणों के लिए सहमी केसर ने हिम्मत जुटाई और पास रखा गन्ना उठाकर गुलदार के मुंह पर लगातार वार करने लगी।
कुछ ही पलों में गुलदार पिता को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। गुलदार के भागने के बाद केसर ने गांव में जाकर लोगों को सूचना दी। देखते ही देखते ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रफीक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले छह माह से गुलदार की आवाजाही बनी हुई है, जिससे लोग दहशत में हैं। भाजपा चांदपुर विधानसभा प्रभारी सतवीर सिंह मलिक ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग ने पंद्रह दिन पहले गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था, लेकिन उसमें चारा न डालने के कारण गुलदार उसमें नहीं फंसा। कुछ दिनों बाद विभाग पिंजरा उठाकर ले गया।

