Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मुख्यमंत्री जी अभी हजारो हेक्टेयर भूमि और कब्जा मुक्त हो सकती है अफसर शिकायतों का कर रहे हैं फर्जी निस्तारण ढूंढने से भी खेती व कृषि की जमीन
    • बाईपास पर एक नामी कंपनी के स्टोर की चर्चा, रेडिसन ब्लू संगरीला द ललिता अशोका जैसे होटलों और नामचीन कंपनियों के सेल्स
    • कच्ची कॉलोनियां काटकर और अवैध निर्माण करने तथा सरकारी जमीन घेरकर बेचने वालों के खिलाफ देशभर में चलेगा बुल्डोजर सुविधा शुल्क लेने वाले भी बचा नहीं पाएंगे
    • पत्रकारों के साथ जो जनप्रतिनिधि करते थे अब युवाओं के साथ कर रहे हैं
    • छोटा हसनपुर से सिसौली तक भाजपा ने निकाली तिरंगा यात्रा
    • प्रो. उषा सिंह मेजर पद पर हुईं पदोन्नत
    • दीपके का ऐलान, जंतर-मंतर पार्ट 2 जल्द
    • रक्षाबंधन पर परिवहन निगम छह दिन अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»बुराईयों को त्यागने और जरुरतमंदों की मदद का त्योहार है होली
    देश

    बुराईयों को त्यागने और जरुरतमंदों की मदद का त्योहार है होली

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comMarch 3, 2026No Comments5 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    बीती रात धार्मिक रीति रिवाजों से देशभर में होलिका जलाई तो सभी जगह लोग जमा हुए। आज ग्रहण की वजह से होली नहीं खेली गई। रंगों का त्योहार कल मनाया जाएगा। जितना नजर आ रहा है अब हिंदूओं के ज्यादातर त्योहार अब अलग अलग तारीख में मनाने का संदेश दिया जाने लगा है। भक्त भी विद्वानों की घोषणा के अनुसार होली मनाते हैं। बताते हैं कि रंगों के बाद कई दिन तक देवताओं की होली होती है जिसमें देवताओं के साथ भक्त होली खेलते हैं। होली दीवाली ऐसे त्योहार है जो सनातन धर्म को मानने वालों द्वारा मनाए जाते हैं। सहारनपुर जिले के बरसी गांव में एक अनोखी परंपरा महाभारत काल से चली आ रही है। गांव में रंग गुलाल खूब खेले जाते हेैं लेकिन होली नहीं जलाई जाती। यहां के पंचमुखी शिवमंदिर बेहद खास है क्योंकि इसमें स्वयंभू शिवलिंग स्थापित है। कहा जाता है कि पांच हजार साल पहले इस मंदिर का निर्माण कौरवों ने कराया था मगर महाभारत युद्ध के समय भीम ने मंदिर में अपनी गदा फंसाकर पूर्व से पश्चिम की तरफ घुमा दिया जिससे यह देश का एकमात्र पश्चिम मुखी मंदिर बन गया। मान्यता है कि इस गांव में होलिका दहन किया जाएगा तो उसकी आग से भगवान शिव के पैर झुलस सकते हैं इसलिए यहां होली का दहन नहीं होता। ५०० रुपये किलो से २ हजार रुपये किलो तक बिकने वाली गुजिया की एक किस्म इस बार सवा लाख कीमत की बाजार में बताई जाती है। चर्चा है कि इसकी मांग काफी है क्योंकि इस पर सोने का वर्क चढ़ाया गया है। त्योहार हंसी खुशी मने। ५०० और २ हजार किलो की गुजिया वालों दोनों को मुबारक। यह तो रहे होली के अनेक रंग।
    मेरा मानना है कि बुराईयों पर अच्छाई की प्रतीक होली जिसकी आग में भक्त प्रहलाद तो सही सलामत बाहर आए लेकिन उनकी बुआ जलकर राख हो गई। केंद्र व प्रदेश की सरकारें सिद्धांतवादी और धर्म के मार्ग पर चलने वाली है। इसलिए जैसा खाए अन्न वैसा हो जाए मन यह भी नहीं कह सकते। सरकार की सोच और अन्न दोनों अच्छा है। फिर भी जैसा देखने में आ रहा है कोई ना कोई बु़राई देखने सुनने पढ़ने को मिल जाती है। जिसे रोकना समाज का काम है। इसे ध्यान में रख हम रंग गुलाल उड़ाए मगर रिश्तों की जो गरमाहट खत्म हो रही है पत्नी पति एक दूसरे को मार रहे है। आज एक खबर पढ़ी कि बहराइच के रुपईडीहा के रामनगर गांव में संपत्ति के विवाद में माता पिता और दादी की हत्या कर दी गई। ऐसी घटनाएं आए दिन देखने को मिल रही है। आओ हम सब मिलकर ऐसी घटनाएं ना हो समाज में ऐसी सोच को समावेश कर रिश्तों की गरमाहट स्थापित करने का प्रयास करें। होली में रंग गुलाल लगाएं और इसके साथ ही हम समाज में बढ़ रहे भ्रष्टचार, धोखेबाजी, दूसरे के लिए बुरा सोचने की प्रवूति को तिलांजलि देकर यह संकल्प ले कि भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था में लोगों को सांस लेने का अवसर मिले और सरकारी योजनाएं पात्रों तक पहुंचे तो इन बुराईयों को होली की लपटों में कुछ लोगों ने जलाई और बाकी रंगों के साथ धोकर अपने से दूर करे। अपने हितों की सुरक्षा और अन्यों की मदद हेतु सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज जिम्मेदारों तक पहुंचाएं तो कहा जा सकता है कि अगले साल तक देश में बुराईयों से मुक्त माहौल में मनाएंगे हम होली। होली के पांच दिन तक देवताओं की होली होती है मुझे लगता है कि भगवान ने हमें बुराईयां त्यागने और सबके सहयोग की सोच बनाने का समय उपलब्ध कराया है। चार तारीख को हुरियारों में शामिल होकर मस्ती से होली मनाओ। औरों को परेशानी ना हो इसका ध्यान रखो।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    websitemarketing2019@gmail.com
    • Website

    Related Posts

    मुख्यमंत्री जी अभी हजारो हेक्टेयर भूमि और कब्जा मुक्त हो सकती है अफसर शिकायतों का कर रहे हैं फर्जी निस्तारण ढूंढने से भी खेती व कृषि की जमीन

    August 13, 2026

    कच्ची कॉलोनियां काटकर और अवैध निर्माण करने तथा सरकारी जमीन घेरकर बेचने वालों के खिलाफ देशभर में चलेगा बुल्डोजर सुविधा शुल्क लेने वाले भी बचा नहीं पाएंगे

    August 13, 2026

    पत्रकारों के साथ जो जनप्रतिनिधि करते थे अब युवाओं के साथ कर रहे हैं

    August 13, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.