नई दिल्ली, 26 जनवरी। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए यूजीसी के नए नियमों को केंद्र सरकार वापस ले सकती है। नए नियमों पर व्यापक विरोध को देखते हुए सरकार बीच का रास्ता तलाशने वाले कई कदमों पर विचार कर रही है।
एमबीबीएस पाठ्यक्रम हो या आयुर्वेद, हर वर्ष मेडिकल कॉलेजों में सीटें खाली रह जाती हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिशा-निर्देश बनाने का फैसला किया है। शीर्ष कोर्ट ने आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों में खाली सीट भरने के लिए कटऑफ/पर्सेंटाइल घटाने से भी इनकार कर दिया।
पीठ ने कहा कि वह इस बात पर विचार करेगी कि मेडिकल/आयुर्वेद कॉलेजों में सीटें खाली नहीं रह पाएं। कोर्ट ने नीट-यूजी के तहत आयुष पाठ्यक्रम में सीटों को भरने के लिए परसेंटाइल कम करने की मांग को खारिज करते हुए यह आदेश पारित किया।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि काउंसलिंग बोर्ड ने शुरुआती डेडलाइन के बाद नए छात्रों का पंजीकरण बंद कर दिया है, ऐसे में दाखिले की तारीख बढ़ाने से मौजूदा प्रक्रियाओं के साथ तालमेल नहीं बैठेगा, जिससे आयुष के उद्देश्य को नुकसान होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पर्सेंटाइल कम करने का कोई निश्चित फार्मूला नहीं, ऐसे में इस आधार पर इसे कम नहीं किया जा सकता है कि पिछले साल ऐसा किया गया था।
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