अयोध्या 31 जनवरी। राम मंदिर के निर्माण को लेकर मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने दो दिवसीय बैठक के दौरान साफ किया कि 30 अप्रैल तक राम मंदिर से जुड़े सभी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है.
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि जैसे ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, निर्माण में लगी प्रमुख एजेंसियां एलएंडटी और टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज अपने इंजीनियरों और श्रमिकों को दूसरी परियोजनाओं में शिफ्ट कर देंगी. इसके साथ ही उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि 30 अप्रैल तक सभी जरूरी कागजात और भुगतान से जुड़े बिलों की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाए.
मंदिर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर नृपेंद्र मिश्र ने भरोसा दिलाया कि एलएंडटी और टाटा कंसलटेंसी ने तीन साल की गारंटी दी है. इसी वजह से भविष्य में किसी भी तकनीकी समस्या से निपटने के लिए दोनों संस्थाओं की एक छोटी यूनिट मंदिर परिसर में तैनात रहेगी. इससे यह सुनिश्चित होगा कि अगर कहीं कोई दिक्कत आती है, तो उसका तुरंत समाधान किया जा सके.
उन्होंने बताया कि फिलहाल मंदिर परिसर में केवल ऑडिटोरियम का काम शेष है. इसे भी 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. एलएंडटी और टाटा कंसलटेंसी का राज्य निर्माण निगम के साथ जो एग्रीमेंट है, उसे भी जल्द राम मंदिर ट्रस्ट अपने अधीन ले लेगा.
खर्च को लेकर जानकारी देते हुए नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि अब तक मंदिर निर्माण पर करीब 1900 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. इनमें से लगभग 1600 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें जीएसटी भी शामिल है. शेष राशि का भुगतान भी तय प्रक्रिया के तहत किया जाएगा.
अयोध्या में प्रस्तावित कैंसर इंस्टीट्यूट को लेकर उन्होंने कहा कि जमीन हस्तांतरण में देरी के कारण काम रुका हुआ है, लेकिन अस्पताल का डिजाइन तैयार कर लिया गया है और जल्द निर्माण शुरू होगा. वहीं, राम मंदिर की फसाड लाइट जुलाई-अगस्त तक तैयार हो जाएगी.
श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर यह है कि सप्त मंदिर में आम लोगों के दर्शन मार्च महीने से शुरू होने की संभावना है.

