
मेरठ, 06 जून (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फेलोरिश लोकेश बजाज द्वारा संचालित होटल में लगी आग ने कितने लोग मरे और क्या क्या कमियां पाई गयी यह भी चर्चाओं का विषय है क्योंकि घायलों की संख्या बढ़ी है और उनका इलाज चल रहा है मगर इसके साथ साथ एनसीआर के क्षेत्र हमारे मेरठ में जागरूक अफसरों द्वारा होटलों की छानबीन की गयी तो उनमें कई प्रकार की समस्याएं और कमियां नजर आयी कई को नोटिस दिये गये और कुछ के खिलाफ कार्यवाही होनी बतायी जा रही है अगर सब कुुछ सही रहा तो कई जिम्मेदार विभागों के अफसरों भी काम आ सकते हैं लेकिन अभी नहीं कहा जा सकता है कि वह कौन कौन हो सकते है।
लेकिन अपने गांव में बचपन में एक कहावत बहुत सुनने को मिलती थी कि अजब तेरी दुनिया गजब तेरा खेल छछुंदर के सिर में चमेली का तेल इसका सही अर्थ होता था कि हम सही मुद्दों और सही जगह तथा ऐसी घटनाओं के दोषियों की ओर पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे है। ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं कि एक तरफ तो होटलों में कमियां ढूंढी जा रही है और उन्हंे नोटिस दिये जा रहे। तो बराबर के क्षेत्र शास्त्रीनगर के संेट्रल मार्किट में रिहायशी भूखंडों पर बने कॉमर्शियल कॉम्पलैक्सों और दुकानों के विरूद्ध जो कार्यवाई शुरू हुई और अब सैट बैक तोड़ने और दुकानों के विरूद्ध भी और कार्यवाही शुरू हो रही है पिछले कई माह से अपने परिवार के लिए छत बचाने और रोजी रोटियों के साधनों को सुरक्षित रखने के लिए मातृशक्ति द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे है और हर विभाग के अफसर और नागरिक सभी इस बात से पूरी तौर पर जानते हैं।
ऐसे में ग्रामीण कहावत मेढी खा रही है खेत तो यहां बिल्कुल सही उतरती है क्योंकि होटलों व अवैध निर्माणों के विरूद्ध एक तरफा अभियान चला रहे है तो दूसरी तरफ ऐसे अभियान चलाने वालों की नाक के नीचे पहले तो मेरठ कालेज के निकट पुराना 5 सिविल लाइन राजलोक बाउंड्री रोड पर पुराने हाउस नंबर 268 रिहायशी भूमि पर अवैध रूप से कॉमर्शियल निर्माण अवैध निर्माणकर्ता राजेश मित्तल द्वारा किया गया। पूरी ईमारत का एक ही मार्ग और सरकार की मानचित्र की नीति का पालन ना करके बनाई गयी बिल्डिंग में आईडीएफसी बैंक खुल गया जिसमें आने वाले लोगों के वाहन सड़क पर ही खड़े रहते हैं लेकिन पार्किंग की कोई व्यवस्था ना होने के बावजूद गत दिवस इसमें होटल कारीगरी का भव्य उद्घाटन हो गया और ताज्जुब इस बात का है कि कुछ ही दूरी पर इन व्यवस्थाओं का पालन कराने वाले विभागों में बैठे अफसरों तक इस होटल खुलने की आवाज और यहां हुई शानदार पार्टी की सूचना क्यों नहीं पहुंची। हमारा ट्रैफिक विभाग अन्य स्थानों पर तो चालान और वाहन उठवाने की कार्यवाहीे करता रहा है। लेकिन इस अवसर पर सड़क पर खडे़ भारी तादाद में वाहनों की चालान की भी कोई सूचना नहीं आयी अवैध निर्माणकर्ता पर नगर निगम कितना मेहरबान है कि अन्य जगहों पर तो सड़क पर पड़े सामान के चालान भी किये जाते हैं और जुर्माने भी लिये जाते है लेकिन इस अवैध निर्माण के बाहर रखे जनरेटर आदि सामान और पड़ी निर्माण सामग्री का ना तो कोई चालान किया गया और ना ही कोई जुर्माना अब सैफ हरपाल सिंह सौखी ने बड़ी तादाद में उपस्थितों के बीच इसका शुभारम्भ किया। उद्घाटन समारोह में कंपनी के डायरेक्टर नीरज अरोड़ा और अन्य भी मौजूद रहे। सवाल यह उठता है कि एक तरफ तो होटलों की जांच दूसरी तरफ रिहायशी भूमि पर बने ईमारतों को तोड़ने का काम चल रहा है दूसरी तरफ सरकार की निर्माण नीति के विरूद्ध जाकर मानचित्र पास के नाम पर यह होटल राजेश मित्तल ने बनाकर खड़ा कर दिया जिसमें पहले फर्जी एनओसी पर बैंक और अब कारीगरी होटल खुल गया जो बाउंड्री रोड जैसी शांत जगह पर अब आये दिन जाम लगने का करण भी बनेगा और आसपास घरों में रहने वाले शांतीप्रिय नागरिकों की परेशानी बढ़ेगी मगर दीपक तले अंधेरा वाली कहावत को चिरतार्थ करते हुए संबंधित विभागों मेडा नगर निगम फायर सर्विस के अधिकारी खामोश क्यों हैं और रिहायशी भूमि पर हुए कॉमर्शियल अवैध निर्माण में बिजली विभाग ने कनेक्शन कैसे दे दिये। जागरूक नागरिकों का मानना है कि माननीय मंडलायुक्त और जिलाधिकारी जी इस इमारत की खामियों और भविष्य के खतरों को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही करें और देखें की संबंधित विभाग आखिर खामोश क्यों है और गलत तरीके से खुले इस भवन में अनकहे रूप में होटल संचालक की मदद क्यों कर रहे हैं।

