मेरठ, 07 मई (प्र)। मेरठ में जनगणना-2027 की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से कराई जा रही है, जिसमें लोग अपनी जानकारी स्वयं भी दर्ज कर सकेंगे। स्वगणना की प्रक्रिया 21 मई तक चलेगी, जबकि 22 मई से प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। आज इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह ने एक प्रेसवार्ता में जनगणना-२०२७ से जुड़ी जानकारी दी।
इस बार जनगणना प्रक्रिया में तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है। लोग मोबाइल आधारित एचएलओ अनुप्रयोग के जरिए अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। जो लोग स्वगणना करेंगे, उन्हें अपनी पहचान संख्या गणनाकर्मी को दिखानी होगी। गणनाकर्मी जानकारी का मिलान कर प्रक्रिया पूरी करेंगे। यदि किसी जानकारी में संशोधन की जरूरत होगी तो दोबारा गणना भी कराई जा सकेगी। प्रशासन के अनुसार स्वगणना सही पाए जाने पर केवल सत्यापन के बाद पहले चरण की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।
हर गणनाकर्मी जुटाएगा करीब 800 लोगों का विवरण
जनगणना कार्य के लिए प्रत्येक गणनाकर्मी को लगभग 800 लोगों या 180 से 200 मकानों का डाटा जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा हर छह गणनाकर्मियों पर एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा। सभी आंकड़े सीधे मोबाइल अनुप्रयोग के जरिए दर्ज किए जाएंगे।
रसोई के आधार पर तय होगा परिवार
जनगणना में इस बार रसोई को लेकर विशेष नियम तय किया गया है। एक ही रसोई में भोजन करने वाले लोगों को एक परिवार माना जाएगा। यदि एक ही मकान में दो अलग-अलग रसोई में भोजन बनता है तो उन्हें दो अलग जनगणना परिवार माना जाएगा। इसी तरह किसी भवन या उसके हिस्से का अलग मुख्य प्रवेश द्वार होने पर उसे अलग जनगणना मकान माना जाएगा।
33 सवालों के देने होंगे जवाब
पहले चरण की जनगणना में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें मकान संख्या, भवन निर्माण सामग्री, उपयोग, परिवार और सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, सामाजिक वर्ग, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई, गैस संपर्क, मोबाइल, इंटरनेट, दूरदर्शन, संगणक, वाहन और मुख्य अनाज जैसी जानकारियां शामिल होंगी।

