लखनऊ, 12 जनवरी। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित होने के बावजूद 13 अवर अभियंता (जूनियर इंजीनियर सिविल) ने समय पर ज्वाइनिंग नहीं की। नोटिस देने के बाद भी जवाब न मिलने पर इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी की नियुक्ति निरस्त कर दी गई है।
इस संबंध में स्थानीय निकाय निदेशक अनुज कुमार झा ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, इन अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश पालिका केंद्रीयत अभियंत्रण सेवा नियमावली के तहत अवर अभियंता (सिविल) के पद पर नियुक्ति दी गई थी।
बार-बार मौका देने के बावजूद भी ज्वाइनिंग नहीं की। नगरीय निकाय निदेशालय द्वारा 10 सितंबर 2024 को औपबंधिक रूप से वेतनमान 9300-34800, ग्रेड पे 4200 पर दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में नियुक्ति देते हुए 17 सितंबर 2024 तक योगदान आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने निर्धारित समय में कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
इसके बाद 28 जनवरी 2025 को अंतिम अवसर देते हुए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय प्रदान किया गया, लेकिन इसके बाद भी इन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद कार्यभार ग्रहण न करने पर स्थानीय निकाय निदेशालय ने सभी 13 अभ्यर्थियों की नियुक्ति निरस्त कर दी है।
स्थानीय निकाय निदेशालय ने स्पष्ट किया कि बार-बार समय दिए जाने के बाद भी ज्वाइनिंग न करने को अनुशासनहीनता और लापरवाही मानते हुए इन सभी का नियुक्ति संबंधी अभ्यर्थन रद्द कर दिया गया है। प्रीति, आलोक कुमार मिश्रा, मो. फैजान, केशव पांडेय, मनीष कुमार बिंद, इंदु प्रभा सरोज, रजत, रवि कुमार प्रजापति, सुरेंद्र कुमार पटेल, मो. दानिश, अभय कुमार गुप्ता, सुभाष सिंह रावत और अमित कुमार भगत आदि नियुक्ति निरस्त किए गए अभ्यर्थियों में शामिल हैं।
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