प्रयागराज, 09 अप्रैल (हि)। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित प्रदेशभर के प्राथमिक विद्यालयों में पिछले सालों में हुई शिक्षकों की नियुक्ति की जांच होगी। शासन के अपर मुख्य सचिव एल. वेंकटेश्वर लू ने निजी प्रबंधतंत्र की ओर से संचालित एवं विभाग से अनुदानित विद्यालयों में 2000 से 11 मई 2022 तक नियुक्त अध्यापकों की जांच के लिए निदेशक समाज कल्याण को दो अप्रैल को निर्देशित किया है।
अपर मुख्यसचिव ने पत्र में लिखा है कि 31 मार्च 1992, 31 मार्च 1994 और 27 जुलाई 2010 के शासनादेश में निजी प्रबंध तंत्र की ओर से संचालित विद्यालयों में अध्यापकों केपदसृजितकरते हुए उनकी नियुक्ति आदि के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। समय-समय पर की गई जांचों में यह तथ्य संज्ञान में आया है कि इन विद्यालयों में अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया में शासनादेशों का अनुपालन, बेसिक शिक्षा अधिकारी से चयनित अध्यापकों के अनुमोदन, एरियर भुगतान, प्रशिक्षणसे मुक्ति आदि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार नहीं किया गया है। लिहाजा इन विद्यालयों में 2000 से 11 मई 2022 तक नियुक्त कुल अध्यापकों की संख्या, उनकी नियुक्ति प्रक्रिया में नियुक्ति से संबंधित शासनादेशों के अनुपालन की स्थिति, बीएसए से चयनित अध्यापकों के अनुमोदनकीस्थिति, नियुक्तितिथि, वेतन और एरियर भुगतान की स्थिति, नियुक्ति के संबंध में न्यायालय में योजित वाद की स्थिति, प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण से मुक्तिकी स्थिति/तिथि, चयनित अध्यापकों के शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन आदि के संबंध में विस्तृत आख्या दो सप्ताह में प्रत्येक दशा में शासन को उपलब्ध कराएं।
मान्यता की भी करें जांच एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट: समाज कल्याण विभाग से अनुदानित और निजी प्रबंधतंत्र की ओर से संचालित प्रदेशभर के 290 विद्यालयों की भी जांच के आदेश दिए गए हैं। संयुक्त निदेशक पीके त्रिपाठी ने सभी जिला समाज कल्याण अधिकारी को पत्र लिखा है कि जो स्कूल संचालित हैं, उनको स्थायी/अस्थायी मान्यता और अनुदान के लिए दस वर्ष से विद्यालय संचालन की आख्या एक सप्ताह में उपलब्ध कराएं।
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