सहारनपुर, 22 अप्रैल (ता)। एंटी करप्शन टीम ने कृषि विभाग के बाबू (टेक्निकल सहायक) को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबू अरुण कुमार पेस्टी साइड की दुकान से लिए गए सेंपल को खत्म करने के एवज में यह रिश्वत मांग रहा था। दुकानदार ने पूरी घटना एंटी करप्शन टीम को सुनाई। इसके बाद एक जाल बिछाया गया जिसमें आरोपी फंस गया और रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को पकड़कर जनकपुरी थाना पुलिस के हवाले कर दिया। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। कृषि विभाग में यह लंबे समय से बड़ी कार्रवाई है। पीड़ित दुकानदार का कहना है कि पकड़ा गया आरोपी 50 हजार रुपये की मांग कर रहा था। पैसा नहीं देने पर दुकान बंद कराने की धमकी दे रहा था। इसके बाद 20 हजार रुपये में बात तय हो गई थी। दुकानदार ने इस बारे में एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। टीम ने दुकानदार को कहा था कि किस तरह से पैसा देना है। बताई गई योजना के मुताबिक दुकानदार ने टेक्निकल सहायक को पैसा दिया और इसके तुरंत बाद टीम ने आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गांव दैदपुरा के रहने वाले अमरनाथ ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। कहा था कि उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। एंटी करप्शन टीम ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ट्रैप की योजना शिकायतकर्ता को समझाते हुए कहा कि वह तय रकम लेकर आरोपी के पास चला जाए और जैसे ही वह पैसे दे तो इशारा कर दे। इस योजना के तहत अमरनाथ 20 हजार रुपये लेकर बेरीबाग स्थित कृषि विभाग के कार्यालय चला गया। अमरनाथ को देखकर आरोपी टेक्निकल सहायक अरुण खुश हो गया।
एंटी करप्शन टीम ने जैसे ही टेक्निकल सहायक को पकड़ा तो वह तुड़फुड़ाने लगा। भागने की कोशिश करने लगा लेकिन टीम ने उसे जकड़ लिया। मौके से ही रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई व पूछताछ की और फिर आरोपी को पकड़कर पुलिस थाने ले आए। यहां पुलिस ने जनकपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई और आरोपी को पकड़कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एंटी करप्शन टीम का कहना है कि अब इस मामले में जांच की जा रही है कि रिश्वत के इस खेल में विभाग के कौन-कौन लोग शामिल हैं।
इस कार्रवाई के बाद पीड़ित ने मीडियाकर्मियों से कहा कि, हम लोग पेस्टीसाइड बेचने का काम करते हैं। कोई गलत काम नहीं करते हैं। इसके बावजूद भी कहा जा रहा था कि दुकान बंद करवा दूंगा। उन्होंने कहा कि बीते गत शाम करीब चार बजे अरुण कुमार अपने ड्राइवर के साथ उसकी दुकान पर पहुंचा था। इसके बाद दुकान से दवाइयों के सैंपल उठाने शुरू कर दिए और कहा कि आपकी दुकान बंद हो जाएगी। कंपनी वालों का भी दिमाग सही कर देंगे। इसके बाद 50 हजार रुपये की मांग की। बाद में 20 हजार रुपये देने के लिए कहा और साफ कह दिया कि अगर 20 हजार रुपये भी नहीं दिए तो इसी सप्ताह दुकान बंद करवा देंगे।
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